हास्य कलाकार समेत पांच लोगों की जमानत अर्जी खारिज, न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए

इंदौर (मध्यप्रदेश), दो जनवरी (भाषा) अभद्र टिप्पणियों के मामले में भाजपा की एक स्थानीय विधायक के बेटे की शिकायत पर गिरफ्तार गुजरात के हास्य कलाकार मुनव्वर फारुकी और चार अन्य लोगों को जमानत देने से जिला अदालत ने शनिवार को इनकार कर दिया। इसके साथ ही, पांचों आरोपियों को 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया।

नववर्ष पर शुक्रवार को यहां एक कैफे में आयोजित विवादास्पद कार्यक्रम को लेकर पांचों लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अमन सिंह भूरिया ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गुजरात के जूनागढ़ से ताल्लुक रखने वाले फारुकी और चार अन्य लोगों की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।

फारुकी के वकील अंशुमन श्रीवास्तव ने अदालत में बहस के दौरान कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में लगाए गए आरोप ‘अस्पष्ट’ हैं और यह मामला ‘दलीय राजनीति से प्रेरित होकर’ दर्ज कराया गया है।

श्रीवास्तव ने हास्य कलाकार के पक्ष में पैरवी करते हुए करते हुए भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया और उसे जमानत पर रिहा किए जाने की गुहार की।

उधर, एकलव्य के वकील दिनेश पांडे ने पांचों आरोपियों की जमानत अर्जी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रशासन की अनुमति के बगैर शहर के 56 दुकान क्षेत्र के एक कैफे में आयोजित हास्य कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं का भद्दा मजाक उड़ाया गया जिससे कई लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

पांडे ने कहा कि शहर में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।

तुकोगंज थाने के प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि हास्य कार्यक्रम के विवादास्पद वीडियो फुटेज के साथ एकलव्य की लिखित शिकायत पर फारुकी और कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े चार स्थानीय लोगों- एडविन एंथोनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव के खिलाफ शुक्रवार देर रात मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपियों की उम्र 18 से 25 साल के बीच है।

इस बीच, एकलव्य ने संवाददाताओं को बताया, ‘मैं और मेरे कुछ साथी बाकायदा टिकट खरीदकर कार्यक्रम में पहुंचे जहां फारुकी को बतौर मुख्य हास्य कलाकार बुलाया गया था। इस कार्यक्रम में अभद्र टिप्पणियां करते हुए हिंदू देवी-देवताओं का मजाक बनाया जा रहा था। कार्यक्रम में गोधरा कांड और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अनुचित जिक्र भी किया गया था।’

उन्होंने हास्य कार्यक्रम के कथित आपत्तिजनक शब्दों का विशिष्ट ब्योरा दिये बगैर कहा, ‘हास्य कार्यक्रम में तमाम आपत्तिजनक बातें चल रही थीं। हमने इनका वीडियो बनाया और कार्यक्रम रुकवाकर श्रोताओं को कैफे से बाहर निकाला। फिर हम कार्यक्रम के हास्य कलाकारों और आयोजकों को पकड़कर तुकोगंज पुलिस थाने ले गए।’

एकलव्य, हिंद रक्षक नामक स्थानीय संगठन के संयोजक हैं। मीडिया की कुछ खबरों में कहा गया है कि कैफे में हंगामे के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्टैंड-अप कॉमेडियन की पिटाई भी की। लेकिन एकलव्य ने इस आरोप से इनकार किया है।

पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य), धारा 269 (ऐसा लापरवाही भरा काम करना जिससे किसी जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने का खतरा हो) और अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

भाषा हर्ष अर्पणा

अर्पणा

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