Bageshwar Dham Sarkar : 3 घंटे की नींद लेते है बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, पीते है 30 चाय

Bageshwar Dham Sarkar : 3 घंटे की नींद लेते है बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, पीते है 30 चाय Bageshwar Dham Sarkar Dhirendra Shastri of Bageshwar Dham takes 3 hours of sleep drinks 30 teas vkj

Bageshwar Dham Sarkar : 3 घंटे की नींद लेते है बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, पीते है 30 चाय

Bageshwar Dham Sarkar : बागेश्वर धाम यानि एक दिव्य दरबार, जहां लगता है भक्तों का मेला, सजता है बाबा का दरबार, दरबार में हजारों की तादत में आते है भक्त, बताते है अपनी परेशानी, वही बागेश्वर धाम के सरकार कागज पर लिखते है समाधान, फिर होती है पेशी। हम बात कर रहे हैं बागेश्वर धाम के सरकार पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की, जिनके प्रवचन और उनके चमत्कारों को तो लोगों ने जाना ही है लेकिन उनकी दिनचर्या भी कुछ अलग ही खास हैं।

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री रात में अचानक कभी भी भक्तों के बीच पहुंच जाते है। वह रात रात भर तक जागते है। एक बेवसाइट की रिपोर्ट के अनुसार उनका डेली रूटीन शेड्यूल सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार पंडित धीरेन्द्र शास्त्री 3 घंटे की ही निंद लेते है और दिनभर में करीब 30 चाय पीते है। रिपोर्ट में उनकी डेली डाइट, क्या खाते है, उन्हें क्या पसंद है? सब कुछ जानेंगे!

अपने गुरू के पात्र में पीते है चाय

बागेश्वर धाम के सरकार अपने दादा यानी उनके गुरूजी के पात्र में ही चाय पीते है। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने खुद बताया की वह चाय के शौकीन है, वह रोजाना करीब 30 से अधिक चाय पी जाते है। हालांकि अभी उन्होंने चाय कम कर दी है, लेकिन उन्हों चाय से अधिक प्रेम है। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री कहते है कि चाय से उनके गुरू जी की यादें जुड़ी हुई है। एक बार उन्हें उनके गुरू ने झूठी चाय पिलाई थी। आज जो भी है वह चाय का चकत्कार है। हमारे दादा गुरूजी भी बहुत चाय पीते थें, यह हमारी परंपरा है, हमे इसमे आनंद मिलता है। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का कहना है कि जीवन में एक ऐसा पात्र चुनो जिसकी कोई किमत नहीं हों। हम अपने गुरूजी की नकल कर रहे है।

सिर्फ 3 घंटे सोते है शास्त्री

पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के अनुसार वह सिर्फ 3 घंटे ही सोते है, इसके पीछे उनका योग और शुद्ध अहार है। उन्हें जब भी समय मिलता है वह 15 से 20 मिनट योग कर लेते है। वह शुद्ध अहार ग्रहण करते है। पहले वह खाने में दोनो टाइम सादा भोजन लेते ​थें, लेकिन अब वह एक टाइम रोटी लेते हैं। सुबह सिर्फ फलाहार करते है। वह दोपहर में थोड़े फल लेते है इसके बाद रात में दाल चावल, रोटी और सब्जी लेते है। उनके भोजन में लहसुन और प्याज नहीं होती है। मीठे में उन्हें पिंड खजूर पसंद है। इसके अलावा दिन भर उनकी चाय चलती है। महाराज भले ही भक्तो को कम चाय पीने का बोलते है, लेकिन वह हर आधे घंटे में चाय लेते है।

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