Gwalior Zoo Tiger: ग्वालियर में बाघ शावक के सिंधिया, शिवराज, इमरती, मोदी, के नाम का सुझाव, जू मैनेमेंट ने जारी की लिस्ट

Gwalior Zoo Tiger:  ग्वालियर में टाइग्रेस मीरा के नए शावकों के लिए लोगों ने अजीबोगरीब नाम के सुझाव जू प्रबंधन को दिए हैं.

Gwalior Zoo Tiger: ग्वालियर में बाघ शावक के सिंधिया, शिवराज, इमरती, मोदी, के नाम का सुझाव, जू मैनेमेंट ने जारी की लिस्ट

Gwalior Zoo Tiger:  ग्वालियर में टाइग्रेस मीरा के नए शावकों के लिए लोगों ने अजीबोगरीब नाम के सुझाव जू प्रबंधन को दिए हैं. बता दें टाइग्रेस मीरा ने आज 3 नए शावकों को जन्म दिया है. जिसके लिए जू मैनेजमेंट ने लोगों से नाम के सुझाव मांगे इसपर लोगों ने नर शावकों के लिए ज्योतिरादित्य, शिवराज, नरेंद्र मोदी, जैसे नाम सुझाव दिए. वहीं मादा शावकों का नाम इमरती, शोभा, समीक्षा नाम रखने का सुझाव दिया गया. इसके पहले जू में ट्राइग्रेस दुर्गा ने 40 दिन पहले 1 नर और 2 मादा शावकों को जन्म दिया था.

सोमवार को तीनों को केज से बाहर निकाला

सोमवार को तीनों शावकों को आइसोलेशन में रहने के बाद सोमवार को तीनों केज से बाहर आए. सभी शावक खुले मैदान में टाइग्रेस के साथ घूमते दिखाई दिए. इसी बीच जू में बोर्ड लगाकर टूरिस्ट्स से इनके नाम के लिए सुझाव मांगे गए. पर्यटकों ने बोर्ड पर 150 नाम लिखे हैं. सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर बाघ शावकों के जन्म पर स्वागत किया.

https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/1820429821362442462

इससे पहले दुर्गा ने 2023 में 2 शावकों को जन्म दिया

दुर्गा ने इसके एक साल पहले भी शावकों को जन्म दिया था. इससे पहले 2023 में उसने दो शावकों को जन्म दिया था. चिड़ियाघर प्रबंधन के मुताबिक, 14 सान में अब तक चिड़ियाघर में 18 शावकों का जन्म हो चुका है. इन्हें एक्सचेंज के तौर पर दिल्ली, जयपुर, नैनीताल, बिलासपुर समेत दूसरे चिड़ियाघरों में भेजा जा चुका है.

निगम कमिश्नर बोले हमारे पास अब 12 टाइगर

हर्ष सिंह, नगर निगम आयुक्त ग्वालियर ने कहा कि- हमारे पास टाइगर की संख्या 12 हो गई है तीन बच्चे आज हम सबके सामने लाए हैं. तीनों बच्चे स्वस्थ हैं. इनका नामकरण अभी हुआ है. सब ने अपने-अपने नाम सुझाए हैं, लॉटरी निकलेगी उसके बाद उनके नाम प्रकाशित कर दिए जाएंगे. पूरा माहौल बहुत अच्छा रहा है. सब लोग आए हैं. देखने बच्चों के बारे में पता चला है. सब लोग आ रहे हैं चिड़ियाघर में अच्छे से रखरखाव किया जा रहा है. इसलिए संख्या बढ़ रही है 3 बच्चे दिए हैं बच्चे स्वस्थ हैं यह उपलब्धि है.

 1922 में की गई थी जू की स्थापना

ग्वालियर चिड़ियाघर की स्थापना 1922 में माधो राव सिंधिया ने की थी. इस जू में कई दुर्लभ प्रजातियों के जानवर मौजूद हैं। यहां आपको सफेद बाघ जैसी दुर्लभ और संरक्षित प्रजातियां भी देखने को मिलेंगी.

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