Ram Darbar Pran Pratishtha: 6 जून से श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा राम दरबार, 23 मई को होगी मूर्तियों की स्थापना

Ayodhya Ram Mandir Ram Darbar Pran Pratishtha 2025; अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक और शुभ अवसर आने वाला है

Ram Darbar Pran Pratishtha: 6 जून से श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा राम दरबार, 23 मई को होगी मूर्तियों की स्थापना
रिपोर्ट, गौरव मिश्रा, अयोध्या 
हाइलाइट्स 
  • सप्त मंडप में महर्षियों और भक्तों की प्रतिमाएं
  • राम दरबार के साथ खुलेंगे आठ अन्य मंदिर
  • मंदिर के चार प्रमुख द्वार बनाए

Ram Darbar Pran Pratishtha: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक और शुभ अवसर आने वाला है। राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थित राम दरबार के दर्शन 6 जून 2025 से आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पहले, 23 मई को राम दरबार में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। इन मूर्तियों का निर्माण जयपुर में सफेद मकराना संगमरमर से किया गया है।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम दरबार की स्थापना के लिए कोई विशेष प्राण-प्रतिष्ठा आयोजन नहीं होगा, लेकिन जून माह में जब सभी ट्रस्टी एकत्र होंगे, तब तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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सप्त मंडप में महर्षियों और भक्तों की प्रतिमाएं

प्रथम तल के सप्त मंडप में महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य मुनि, निषाद राज, शबरी और अहिल्या की मूर्तियों की भी स्थापना की जाएगी। इनके साथ ही तुलसीदास जी की प्रतिमा की स्थापना पहले ही हो चुकी है। इन सभी मूर्तियों का श्रृंगार वस्त्रों और आभूषणों से किया जा रहा है।

राम दरबार के साथ खुलेंगे आठ अन्य मंदिर

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि प्रथम तल के परकोटे में छह अन्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे, जिनमें सूर्य देव, भगवती, अन्नपूर्णा, शिवलिंग, गणपति और हनुमान जी शामिल हैं। इसके अलावा शेषावतार मंदिर में लक्ष्मण जी की मूर्ति की स्थापना होगी।

निर्माण कार्य अंतिम चरण में

मंदिर परिसर में लगे सभी टावर क्रेन अप्रैल के अंत तक हटा दिए जाएंगे, जिसका मतलब है कि आंतरिक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका होगा। इसके बाद परकोटा की अधूरी दीवारों (उत्तर और दक्षिण दिशा) का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

मंदिर के चार प्रमुख द्वार बनाए 

  • उत्तरी दिशा में एक द्वार
  • क्रॉसिंग 11 का द्वार
  • क्रॉसिंग 3 का द्वार

रामजन्मभूमि का मुख्य प्रवेश द्वार

इन द्वारों के नामकरण में रामानुज, शंकराचार्य, माधवाचार्य और रामानंदाचार्य की परंपराओं का समावेश होगा, जिससे भारत की आध्यात्मिक एकता प्रकट हो सके।
शिखर और दंड की स्थापना भी होगी मंदिर के शिखर का पूजन हो चुका है और जैसे-जैसे तैयारी होती जाएगी, शिखर व दंड की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही प्रयागराज, आंध्र के पुरंदर दास और गिलहरी की प्रतिमाएं भी लगाई जाएंगी।

जून में दिखेगा नया दृश्य

6 जून को जब राम दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा, उसी दिन सप्त मंडप सहित अन्य सभी मंदिरों के दर्शन भी शुरू हो जाएंगे। मंदिर का द्वितीय तल भी इस तिथि तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा।

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