छत्‍तीसगढ़ दामाखेड़ा कबीर-आश्रम में हमला: बम-पटाखे और पत्‍थर लेकर आश्रम में घुसी भीड़, पुलिस ने 16 आरोपी को किया अरेस्‍ट

Attack on Damakheda Kabir Ashram: दामाखेड़ा कबीर-आश्रम में हमला: बम-पटाखे, पत्‍थर लेकर आश्रम में घुसी भीड़, पुलिस ने 16 आरोपी को किया अरेस्‍ट

Attack on Damakheda Kabir Ashram

Attack on Damakheda Kabir Ashram

Attack on Damakheda Kabir Ashram: छत्‍तीसगढ़ के बलौदाबाजार में फिर से तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। जहां 1 नवंबर की रात कबीर पंथ के गुरु प्रकाश मुनि साहेब के आश्रम दामाखेड़ा में भारी भीड़ घुस गई। ये भीड़ पटाखा-बम और पत्थर लेकर आश्रम में घुसी और हमला (Attack on Damakheda Kabir Ashram) कर दिया। इन ग्रामीणों के पास लाठी, डंडे भी थे। इन उपद्रवियों ने प्रकाश मुनि के बेटे उदित मुनि को धमकाया है। बेटे को जान से खत्‍म्‍ करने की धमकी दी है। वहीं उपद्रवियों के द्वारा उदित मुनि से गाली-गलौज भी की गई।

तानव को पुलिस ने किया कंट्रोल

Kabir Panth Ashram Damakheda controversy

आश्रम में भीड़ ने घुसकर हमला (Attack on Damakheda Kabir Ashram) कर दिया। इस मामले के बारे में जैसे ही सूचना मिली बढ़ते बवाल के बीच गृहमंत्री विजय शर्मा और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा भी घटना स्‍थल पहुंचे। जहां उन्‍होंने आधी रात को दामाखेड़ा आश्रम पहुंचकर मामले को शांत कराया। वहीं आश्रम के अंदर बम और पत्थरबाजी की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस जब तक पहुंची, यहां तनाव बढ़ गया था। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और इसे कंट्रोल किया।

16 आरोपियों को किया अरेस्‍ट

आश्रम में भीड़ के हमला (Attack on Damakheda Kabir Ashram) करने के मामले में पुलिस ने रात में ही तनाव कंट्रोल कर लिया था। पहले हुए जैतखाम जैसी हिंसा होने से पहले ही मामला शांत करा दिया। वहीं पुलिस ने मामले में जांच भी शुरू कर दी है। इसी के साथ ही मामले में अभी तक 16 आरोपियों को पुलिस ने अरेस्‍ट किया है।

पटाखे जलाने के लेकर हुआ विवाद

बलौदाबाजार सिमगा पुलिस के द्वारा जानकारी दी गई कि 1 नवंबर की रात को यहां पटाखे जलाने को लेकर बहसबाजी हुई थी। यह मामला विवाद (Attack on Damakheda Kabir Ashram) में बदल गया। पुलिस को जानकारी मिली कि लगभग रात 9:30 बजे से 10 बजे के बीच किसी ने आश्रम के भीतर पटाखा फेंक दिया। इससे विवाद शुरू हो गया। यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया और कुछ ग्रामीण लाठी, डंडे और बम पटाखे लेकर आश्रम में जबरदस्‍ती घुस गए।

आश्रम में बड़ी संख्‍या में फोर्स तैनात

Kabir Panth Ashram

आश्रम में विवाद (Attack on Damakheda Kabir Ashram) बढ़ने के बाद पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। जहां भीड़ को तितरवितर किया। वहीं भारी संख्‍या में पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है। पुलिस फोर्स के चलते यहां विवाद शांत हो गया है। हालांकि अभी भी पुलिस यहीं पर तैनात है। इस मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई है।

हथियारबंद लोगों ने किया हमला: बैज

दामाखेड़ा आश्रम में हुए हमले (Attack on Damakheda Kabir Ashram) के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष दीपक बैज मौके पर पहुंचे। जहां पंथ श्री 108 हूजुर प्रकाशमुनि नाम साहेब से मुलाकात की। साथ ही आश्रम पर हुए हमले की जानकारी ली। पीसीसी चीफ ने जानकारी दी कि कबीर आश्रम दामाखेड़ा पर दर्जनों हथियारबंद लोगों ने हमला किया था। वंशाचार्य उदितमुनि नाम साहेब पर हत्या की नीयत से ये लोग अंदर घुसे थे। आश्रम में इस तरह का हमला दुःखद है। इस बीजेपी की सरकार में हमारे संत और धार्मिक स्थल भी असुरक्षित हैं।

सिमगा थाना में कई लोगों पर एफआईआर

Vijay Sharma reached Kabir Panth Ashram Damakheda

जानकारी मिली है कि सिमगा थाना (Attack on Damakheda Kabir Ashram) क्षेत्र के दामाखेड़ा आश्रम में हुई घटना मामले में पुलिस ने कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने धारा 191(2), 193(3), 190, 331, 296, 351(3), 298 भादंसं के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने प्रकाश मुनि की शिकायत पर दामाखेड़ा के सरपंच पति समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ये खबर भी पढ़ें: बस्‍तर ओलंपिक: मैना और जंगली भैंसा बने बस्‍तर ओलंपिक के लोगो-मस्‍कट; सीएम ने किया लोकार्पण, दिखेगी संस्‍कृति की झलक

पुलिस फरार आरोपियों की कर रही तलाश

इस मामले में फरार आरोपियों (Attack on Damakheda Kabir Ashram) की पुलिस तलाश कर रही है। एसडीओपी के द्वारा जानकारी दी गई कि आश्रम के अंदर बम-पटाखे फेंके गए थे। फटाखे जलाने को लेकर ग्रामीणों और उदित मुनि के बीच बहसबाजी के बाद विवाद हो गया था।  कुछ आरोपियों को अरेस्‍ट कर लिया था। इसके अलावा फरार आरोपियों को भी शीघ्र पकड़ लिया जाएगा। पुलिस सबकी तलाश कर रही है। अभी हालात नियंत्रण में है।

कबीरपंथी समाज की आस्‍था का केंद्र आश्रम

बता दें कि दामाखेड़ा (Attack on Damakheda Kabir Ashram) में जो आश्रम बना है, यह कबीरपंथी समाज की बड़ी आस्था का केंद्र है। यहां पर समय-समय पर संत कबीर के उपदेशों और शिक्षाओं को लेकर चर्चा की जाती है। यहां पर कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है। कबीरपंथ के गुरु परंपरा का ये प्रसिद्ध स्थल भी माना जाता है। कबीर जयंती और गुरु पूर्णिमा के अवसर पर यहां विशेष कार्यक्रम होते हैं। यहां पर बड़ी संख्या में कबीर पंथ से जुड़े लोग निवास करते हैं।

ये खबर भी पढ़ें: छत्‍तीसगढ़ आएंगे नितिन गडकरी: इंडियन रोड कांग्रेस का अधिवेशन 8 नवंबर से, निर्माण की नई टेक्‍नोलॉजी पर होगी चर्चा

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article