डीपीआई पहुंचे अतिथि शिक्षक: मध्य प्रदेश में अब इन 3 हजार अतिथियों पर मंडराया नौकरी खो देने का खतरा, ये है वजह

MP Atithi Shikshak Bharti: अतिथि शिक्षक नियुक्ति को लेकर आ रही दिक्क्तों को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय यानी डीपीआई पहुंचे।

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MP Atithi Shikshak Bharti: मध्य प्रदेश के 3 हजार अतिथियों पर नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है। इनमें से कुछ अतिथि शिक्षक 26 सितंबर गुरुवार को अपनी समस्याओं को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय यानी डीपीआई पहुंचे।

दरअसल ये शॉर्ट टर्म कैटेगिरी के अतिथि शिक्षक हैं। इनका कहना है कि विभाग ने शॉर्ट टर्म के लिए नये अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का प्लान बनाया है। जिससे इन पदों पर सालों से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों की नौकरी जा सकती है।

दो तरह की है अतिथि व्यवस्था

सरकारी स्कूलों के रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों को नियुक्त किया जाता है। स्कूल में शिक्षकों के खाली पद दो तरह से होते हैं। पहले वे खाली पद जो शिक्षक के रिटायर होने या पहले से ही खाली हैं।

दूसरे खाली पद वे हैं जिनमें शिक्षक को प्रतिनियुक्ति पर किसी कार्यालय, मंत्री स्टॉफ पर भेजा जाता है, या फिर बीएड या बीमारी के कारण पद रिक्त हुए हो। ऐसे पद पर मूल शिक्षक कभी भी वापस आकर ज्वाइन कर सकता है।

यानी ये पद स्थायी रूप से खाली न होकर अस्थायी तौर पर रिक्त रहते हैं। स्थायी रिक्त पद पर ज्वाइन करने वाले अतिथि को लॉन्ग टर्म कैटेगिरी और अस्थायी पद पर नियुक्त होने वाले अतिथि शिक्षक शॉर्ट टर्म कैटेगिरी में होते हैं।

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ये आ रही दिक्कत

शॉर्ट टर्म वाले अतिथि शिक्षकों की अब तक ज्वाइनिंग नहीं हुई है। इधर शिक्षा विभाग 1 से 5 अक्टूबर के बीच अतिथियों को स्कूल आवंटित करने की तैयारी में है।

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शॉर्ट टर्म वाले अतिथियों को संदेह है कि उनकी भर्ती इसलिए नहीं हो रही, क्योंकि इन पदों पर अब नये अतिथि रखे जाने हैं। ऐसे अतिथियों की संख्या करीब 3 हजार है।

पीड़ित अतिथि शिक्षकों का कहना है कि विभाग को अतिथि अतिथि में अंतर नहीं करना चाहिए। यदि सालों से काम कर रहे लॉन्ग टर्म वाले अतिथियों को रखा जा रहा है तो शॉर्ट टर्म वाले अतिथियों के साथ भेदभाव क्यों?

जब तक प्रतिनियुक्ति पर गए शिक्षक की मूल पद पर वापसी नहीं हो जाती, तब तक उन पदों पर पुराने अतिथियों को मौका मिलना चाहिए।

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लॉन्ग टर्म अतिथि की बदल दी कैटेगिरी

कई मामले ऐसे सामने आए हैं कि लॉन्ग टर्म वाले अतिथि शिक्षकों की कैटेगिरी बदलकर शॉर्ट टर्म कर दी है। इससे उनकी नौकरी पर भी खतरा मंडरा रहा है।

वहीं कुछ अतिथि शिक्षक ऐसे भी हैं जिनका अप्रैल 2023 में वर्किंग नहीं दिखाने के लिए उन्हें पोर्टल से हटा दिया है, जबकि उस जिले के शिक्षा अधिकारी ने ये वेरीफाई किया है कि संबंधित अतिथि ने अप्रैल 2023 में काम किया है।

ऐसे ही सैंकड़ों अतिथि अलग अलग समस्या के कारण अब तक अपनी ज्वाइनिंग नहीं दे सके हैं।

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