Astronomy Surya Grahan 2022 : 30 अप्रैल की रात, खगोलीय पिंडों के मुलाकात : सारिका घारू

भोपाल।  शनिवार देर रात जब सूर्य के सामने आकर Astronomy Surya Grahan 2022  चंद्रमा पृथ्वी के दिन वाले भाग पर सूर्यग्रहण लगा रहा होगा। तब ही पृथ्वी की रात वाले हिस्से में सौर मंडल का चमकदार ग्रह शुक्र(वीनस)और सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति(जुपिटर) आकाश में एक दूसरे में समाते से नजर आ रहे होंगे। यह जानकारी नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने खगोलीय पिंडों की मुलाकातों के बारे में दी।

सारिका ने बताया कि सूर्यग्रहण की घटना के समय भारत में रात होने के कारण भारत में नहीं दिखेगा। आंशिक सूर्यग्रहण (पार्शियल सोलर इकलिप्स) को दक्षिण अमेंरिका के दक्षिण पश्चिमी भाग, चिली, उरूग्वे, आदि में देखा जा सकेगा। अर्जेंटीना सूर्यग्रहण को देखने का सबसे अच्छा स्थान होगा जहां में सूर्य 53 प्रतिशत ढ़का हुआ दिखेगा।

 

सारिका ने कहा कि अगर आपका कोई परिचित इन स्थानों पर है तो सूर्यग्रहण भारतीय समय के अनुसार 30 अप्रैल की रात जबकि 1 मई आरंभ हो चुकी होगी। तब रात 12 बजकर 15 मिनिट पर आरंभ होगा। यह रात 2 बजकर 11 मिनिट की स्थिति में अधिकतम होगा। सुबह सबेरे 4 बजकर 7 मिनिट की स्थिति में समाप्त हो जायेगा।

जिस समय दक्षिण अमेंरिका आदि स्थानों पर ग्रहण घटित हो रहा होगा, तब भारत में उस ही समय आकाश में चमचमाता शुक्र (वीनस) और सबसे विशाल बृहस्पति (जुपिटर) आकाश में मिलन करते नजर आयेंगे। वीनस जुपिटर से 0.2 डिग्री नीचे दक्षिण की ओर होगा। वीनस माईनस 4.1 मैग्नीट्यूड के साथ तो जुपिटर माईनस 2.1 मैग्नीट्यूड के साथ चमक रहा होगा। समाये से दिखते हुये यह ग्रह सच में एक दूसरे के नजदीक नहीं आयेंगे। बल्कि एक दूसरे से 69 करोड़ किमी की दूरी पर होंगे। लेकिन पृथ्वी से बनने वाला कोण ऐसा होगा। कि लगेगा कि वे पास-पास हैं। यह अल्ट्रा क्लोज कंजक्शन कहलाती है।

सारिका ने बताया कि मिलन करते ये दोनो ग्रह सुबह लगभग 4 बजे पूर्वी आकाश में होंगे। इन्हें 5 बजे तक अच्छे से मिलते देखा जा सकेगा। इसके बाद सूर्योदय पूर्व की लालिमा के साथ ये फीके पड़ते जायेंगे। तो सुबह 4 बजे जागकर मई की शुरूआत कीजिये ग्रहो के मिलन के साक्षी बनकर।

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