Astronaut Career Option: शुभांशु शुक्ला की तरह आप भी बन सकते हैं एस्ट्रोनॉट, 12वीं के बाद करना होगा ये काम

Astronaut Career Path: यदि आप साइंस बैकग्राउंड से हैं और बतौर अंतरिक्ष यात्री अपना करियर बनाना चाहते हैं तो 12वीं के बाद क्या करें यहां जानें।

Astronaut Career Path

Astronaut Career Path: 12वीं के बाद हर छात्र अपने-अपने करियर के लिए अलग दिशा चुनता है। कोई इंजीनियरिंग या मेडिकल में जाता है, तो कोई कॉमर्स या एकेडमिक कोर्स में। लेकिन कुछ स्टूडेंट्स ऐसे भी होते हैं जो कुछ अलग और खास करना चाहते हैं — जैसे कि अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) बनना। अगर आप भी ऐसा सपना देख रहे हैं, तो जानिए इसके लिए क्या-क्या जरूरी होता है।

Eligibility Criteria To Become An Astronaut) अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए जरूरी योग्यता

भारत में एस्ट्रोनॉट बनने के लिए आपको मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ प्रोफेशनल अनुभव की भी जरूरत होती है। खासतौर पर ISRO जैसे संस्थानों में:

  • STEM फील्ड (Science, Technology, Engineering, Mathematics) में ग्रेजुएशन जरूरी है।
  • अक्सर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे विषयों में मास्टर्स डिग्री (या उससे ऊपर) की मांग होती है।
  • उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना, टीम में काम करने की क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ढलने की क्षमता भी जरूरी है।

योग्यता और पसंदीदा विषय

  • मास्टर्स या डॉक्टरेट डिग्री होनी चाहिए जैसे:

    • एयरोस्पेस/मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
    • फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी
    • कंप्यूटर साइंस या गणित

  • अगर आपके पास एविएशन, एयरोस्पेस या सेना (विशेषकर पायलट) के रूप में अनुभव है, तो यह काफी फायदेमंद होता है।
  • भारत में भारतीय वायु सेना (IAF) में लड़ाकू पायलट का अनुभव रखने वाले कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दी जाती है।

शुभांशु शुक्ला की शैक्षणिक यात्रा

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो जल्द ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर जाने वाले पहले भारतीय बनने जा रहे हैं, उन्होंने:

  • एनडीए (नेशनल डिफेंस एकेडमी) से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
  • फिर IISc बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में M.Tech पूरा किया।

ISRO और NASA में चयन कैसे होता है?

दोनों संस्थानों में चयन की प्रक्रिया काफी कठिन और विशिष्ट होती है:

ISRO में:

  • मेडिकल फिटनेस, मानसिक मजबूती और फिजिकल ट्रेनिंग अनिवार्य है।
  • तकनीकी ज्ञान और व्यवहारिक टेस्ट के आधार पर चयन होता है।

NASA में:

  • मान्यता प्राप्त विषयों में डिग्री के साथ कम से कम 3 साल का प्रासंगिक कार्य अनुभव होना चाहिए।
  • पायलट उम्मीदवारों के लिए कम से कम 1,000 घंटे का जेट उड़ाने का अनुभव, जिसमें से 850 घंटे हाई परफॉर्मेंस जेट में होना चाहिए।
  • उम्मीदवार का अमेरिकी नागरिक होना भी जरूरी है।

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