Karnataka Assembly Election Result 2023: किसके सिर सजेगा सत्ता का सुनहरा ताज, 13 मई को तय होगा कर्नाटक का भविष्य

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के तहत 10 मई को डाले गए मतों की गिनती शनिवार को होगी।

Karnataka Assembly Election Result 2023: किसके सिर सजेगा सत्ता का सुनहरा ताज, 13 मई को तय होगा कर्नाटक का भविष्य

बेंगलुरु। Karnataka Assembly Election Result 2023:  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के तहत 10 मई को डाले गए मतों की गिनती शनिवार को होगी, जिसमें आपस में कट्टर प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के अलावा जद (एस) के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। इन दलों के उम्मीदवार चुनाव परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

इन नेताओं की किस्मत का फैसला कल

शीर्ष नेताओं - राज्य के मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता बसवराज बोम्मई, कांग्रेस नेता सिद्धरमैया और डी के शिवकुमार और जद (एस) के एच डी कुमारस्वामी सहित कई अन्य नेताओं की जीत हार का पता शनिवार को चलेगा। मतगणना राज्य भर के 36 केंद्रों में सुबह 8 बजे शुरू होगी और चुनाव अधिकारियों को परिणाम के बारे में एक स्पष्ट तस्वीर दोपहर तक सामने आने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य भर में, विशेषकर मतगणना केंद्रों के अंदर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

73.19 प्रतिशत का ‘‘रिकॉर्ड’’ मतदान दर्ज

राज्य में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को चुनाव में 73.19 प्रतिशत का ‘‘रिकॉर्ड’’ मतदान दर्ज किया गया था। ऐसे में जब ज्यादातर ‘एग्जिट पोल’ में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़े मुकाबले का पूर्वानुमान जताया गया है, दोनों दलों के नेता नतीजों को लेकर 'बेचैन' लग रहे हैं, जबकि जद(एस) एक त्रिशंकु जनादेश की उम्मीद करता दिख रहा है, जो इसे सरकार गठन में एक भूमिका निभाने का मौका प्रदान करेगा। अधिकांश सर्वेक्षणकर्ताओं ने सत्तारूढ़ भाजपा पर कांग्रेस को बढ़त दी है, जबकि राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना का भी संकेत दिया है।

38 साल पुरानी परंपरा तोड़ने की उम्मीद

राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य की सत्ता में क्रमिक रूप से बदलाव की 38 साल पुरानी परंपरा तोड़ने की उम्मीद में है। इसके लिए पार्टी मोदी प्रभाव पर भरोसा जता रही है। वहीं कांग्रेस भी इस चुनाव में जीत हासिल करना चाहती है ताकि वह इसका इस्तेमाल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए कर सके।

आगे कैसा होगा

वहीं यह भी देखा जाना बाकी है कि त्रिशंकु जनादेश की स्थिति में क्या सरकार बनाने की कुंजी पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली जद (एस) के पास होगी, दिल्ली और पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसके अलावा कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में कुछ छोटे दल भी मैदान में थे।

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