Ashish Vidyarthi: जब फिल्मों में सबसे ज्यादा बार मरने वाले विलेन का हुआ असल में मौत से सामना, जानिए क्या है कहानी

Ashish Vidyarthi: जब फिल्मों में सबसे ज्यादा बार मरने वाले विलेन का हुआ असल में मौत से सामना, जानिए क्या है कहानी Ashish Vidyarthi: When the villain who died most of the times in films actually faced death, know what is the story nkp

Ashish Vidyarthi: जब फिल्मों में सबसे ज्यादा बार मरने वाले विलेन का हुआ असल में मौत से सामना, जानिए क्या है कहानी

नई दिल्ली। फिल्मों में विलेन का रोल निभाने वाले आशीष विद्यार्थी को कौन नहीं जानता? वह अपनी एक्टिंग से सीन को रियल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली भाषा में भी कई फिल्मों में काम किया है। इन फिल्मों की खास बात है कि लगभग सभी फिल्मों में आशीष विलेन के रुप में ही नजर आए हैं।

वह पहली बार कन्नड़ फिल्म 'आनंद' से पड़े पर्दे पर नजर आए थे। जिसके बाद उन्होंने कभी पलट कर नहीं देखा। आशीष विद्यार्थी ने 1942: अ लव स्टोरी, बर्फी, बाजी, सरदार, बिच्छू, सरदार, द्रोखल, नाजायज जैसी कई फिल्मों में शानदार अभिनय किया। लेकिन उनकी फिल्मों की खास बात रही कि वह बॉलीवुड के ऐसे एक्टर बन गए जो फिल्मों में सबसे ज्यादा बार मरा हो। चलिए जानते हैं आशीष से जुड़ा ये रोचक किस्सा।

182 बार मिल चुकी है मौत

बॉलीवुड फिल्मों में यह चलन वर्षों से चला आ रहा है कि आखिर में हीरो की जीत होती है और विलेन की मौत। आशीष अधिकतर फिल्मों में विलेन का किरदार निभाते हैं। ऐसे में हीरों के हाथ उनकी मौत तो पहले से ही तय होती है। अब तक आशीष को फिल्मों में कुल 182 बार मौत मिल चुकी है। लेकिन एक बार ऐसा हुआ कि एक्टिंग के चक्कर में आशीष सच में मौत के मुंह में चले गए।

सभी को लगा आशीष एक्टिंग कर रहे हैं

दरअसल, वह एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, जिसमें उन्हें पानी में उतरना था। आशीष पानी में भी उतरे लेकिन उन्हें गहराई का अंदाजा नहीं था और वह गहरे पानी में चले गए। वहां मौजूद क्रू मेंबर को लगा कि वह डूबने का सीन कर रहे हैं। ऐसे में कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया, लेकिन वहां मौजूद एक पुलिस वाले को शक हुआ कि आशीष पानी में एक्टिंग नहीं कर रहे बल्कि छटपटा रहे हैं। वह भागता हुआ पानी में कूद गया और आशीष की जान बचाई। तब जाकर वहां मौजूद लोगों को समझ में आया कि आशीष सच में डूब रहे थे।

आशीष केरल के रहने वाले हैं

आशीष विद्यार्थी का जन्म 19 जून 1962 को केरल के कुन्नूर में हुआ था। उनके पिता गोविन्द विद्यार्थी भी एक मशहूर मलयाली थिएटर आर्टिस्ट हैं। वहीं उनकी मां रीबा विद्यार्थी एक कथक नृत्यांगना हैं। आशीष ने अपनी शुरूआती पढ़ाई कुन्नूर केरल से ही की है। इसके बाद वह साल 1969 में दिल्ली आ गए। यहां उन्होंने आगे कि पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज से की। साथ ही उन्होंने भारतीय विद्या भवन मेहता विद्यालय में एक्टिंग और ड्रमैटिक की बारीकियां भी सीखीं।

आशीष की फिल्में

आशीष विद्यार्थी को फिल्म 'द्रोहकाल' के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर कैटेगरी में नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। वह बाजी, नाजायज, जीत, भाई, हसीना मान जाएगी, अर्जुन पंडित, जानवर,दौड़, जिद्दी, मेजर साब, सोल्जर, वास्तव, बादल, रिफ्यूजी, एक और एक ग्यारह, एलओसी कारगिल, कहो ना प्यार है, बिच्छू, जोरू का गुलाम, जाल, किस्मत, शिकार, जिम्मी, रक्तचरित्र, बर्फी, राजकुमार, हैदर, अलीगढ़ और बेगम जान जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article