Arvind Kejriwal Biography : केजरीवाल का जमशेदपुर से दिल्ली तक का सफर, ये थी पहली नौकरी

Arvind Kejriwal Biography : केजरीवाल का जमशेदपुर से दिल्ली तक का सफर, ये थी पहली नौकरी

Arvind Kejriwal Lifestyle And Biography : अरविंद केजरीवाल, ये नाम अब किसी परिचय का मोहताज नहीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़ी-बड़ी पार्टियों को धूल चटा कर केजरीवाल ने एक नया इतिहास रचा। देश-दुनिया में सुर्खियां बटोर रहे अरविंद केजरीवाल ने अपने कॅरियर की शुरुआत जमशेदपुर से की थी। केजरीवाल ने 1989 में टाटा स्टील में र्ग्रेजुएट ट्रेनी के रूप में ज्वाइन किया था, करीब डेढ़ साल की ट्रेनिंग के बाद उन्होंने तत्कालीन सीई एंड डीडी डिपार्टमेंट में नौकरी की। अरविंद केजरीवाल के कई साथी आज भी टाटा स्टील के डिफरेंट डिपार्टमेंट्स में नौकरी कर रहे है।

पॉलिटिक्स के बड़े-बड़े धुरंधरों को मात देने वाले अरविंद केजरीवाल ने आज से करीब 24 साल पहले इसी पहचान के साथ अपने जमशेदपुर से अपने कॉरियर की शुरुआत की थी। आईआईटी खडग़पुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद 2400 रुपए पर जमशेदपुर में टाटा स्टील में र्ग्रेजुएट ट्रेनी के तौर पर नौकरी की शुरूआत की थी। जुलाई 1989 से लेकर 31 दिसंबर 1990 तक उन्होंने जीटी हॉस्टल वन में रहकर अपनी डेढ़ साल की ट्रेनिंग कंप्लीट की। 1992 तक टाटा स्टील में जॉब करने के बाद केजरीवाल ने नौकरी छोड़ दी और इंडियन रेवेन्यू सर्विस ज्वाइन किया।

गरीब बच्चों को पढ़ाते थे केजरीवाल

जब केजरीवाल के दोस्त छुटटियों में घूमने निकल जाते थे, तब केजरीवाल हॉस्टल के आस-पास बस्तियों में रहने वाले गरीब बच्चों को पढ़ाया करते थे। वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहते थे। केजरीवाल का जन्म 16 अगस्त 1968 को हरियाणा के सिवानी में हुआ था। इनके पिता गोविंद राम केजरीवाल इंजीनियर थे और गोविंद राम जिंदल स्ट्रिप्स में बतौर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर काम करते थे। अरविंद केजरीवाल का बचपन सोनीपत, गाजियाबाद और हिसार में बीता। केजरीवाल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा मिशनरीज स्कूल में पूरी की है। टाटा स्टील में नौकरी करने के बाद उन्होंने 1993 में सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय राजस्व सेवा में शामिल हो गए।

आईआरएस अधिकारी सुनीता से की शादी

1993 में मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उनकी मुलाकात आईआरएस अधिकारी सुनीता से हुई। दोनों में गहरी दोस्ती हो चुकी थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद केजरीवाल की पोस्टिंग दिल्ली में हुई। साल 1995 में उन्होंने सुनीता से शादी कर लिया। अरविंद केजरीवाल और सुनीता से एक बेटा जिसका नाम पुलकित और एक बेटी है। बेटी का नाम हर्षिता है।

शतरंज और चित्रकारी के शौकीन है केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल किताब पढ़ने के साथ शतरंज खेलने के शौकीन हैं। अरविंद केजरीवाल को बहुत ही अच्छा स्केचिंग करने आता हैं। उन्हें स्केचिंग का इतना शौक था कि वे जो भी चीज देखते उसका चित्र बना देते थे। अब वह चाहे पेड़ हो, इमारत हो, कोई जानवर या कमरे में या किसी भी जगह पर रखी हुई कोई चीज।

अन्ना हजारे के संपर्क में आए केजरीवाल

आरटीआई एक्ट के लिए 2006 में केजरीवाल को रमन मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और समाजसेवी अन्ना हजारे के संपर्क में आए। इसके बाद उन्होंने लोकपाल बिल के लिए जंग शुरू की। 2012 में राजनीतिक पार्टी की शुरुआत की और आम आदमी पार्टी का गठन किया। आम आदमी पार्टी के गठन से किरण बेदी और अन्ना हजारे उनसे नाराज हो गए, लेकिन केजरीवाल ने हार नहीं मानी। उन्होंने 2013 में शिला दीक्षित के खिलाफ में चुनाव लड़ा और उन्हें 25864 वोटों से हराया और मुख्यमंत्री बने, लेकिन 49 दिन बार उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। 2015 में केजरीवाल ने दोबारा चुनाव लड़ा और 14 फरवरी 2015 को दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी ने तीसरी बार साल 2020 में दिल्ली के 70 सीटों में 62 सीटों पर जीत दर्ज की। 16 फरवरी 2020 को अरविंद केजरीवाल ने तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री की शपथ ली। इसके बाद केजरीवाल ने पंजाब में दम भरा और आप की सरकार बनाई। इतना ही नहीं हाल ही में दिल्ली नगर निगम चुनाव में भी अपना कब्जा जमाया।

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