Arvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में कहा, मुझे जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, जमानत रद्द पर क्या बोले

Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे विच हंट का शिकार हुए हैं। उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

Arvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में कहा, मुझे जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, जमानत रद्द पर क्या बोले

हाइलाइट्स

  • सीएम अरविंद केजरीवाल का हाईकोर्ट में जवाब
  • केजरीवाल बोले- मैं विच हंट का शिकार
  • केजरीवाल- जमानत रद्द करना न्याय की विफलता

Arvind Kejriwal: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया। उन्होंने कहा कि मेरी जमानत रद्द करना न्याय की विफलता के समान है। मैं विच हंट का शिकार हुआ हूं।

क्या है विच हंट

किसी व्यक्ति को जानबूझकर परेशान करना विच हंट का शिकार होना कहलाता है। ये राजनीतिक विरोधी भी हो सकता है।

सुनवाई के दौरान क्या बोले केजरीवाल

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ED कस्टडी के दौरान जांच अधिकारी ने कोई खास इन्टेरोगेशन (पूछताछ) नहीं किया। एक राजनीतिक विरोधी को परेशान और अपमानित करने के लिए अवैध रूप से गिरफ्तारी की गई है।

15 जुलाई को होगी केस की अगली सुनवाई

जस्टिस नीना बंसल की बेंच ने अब ईडी से जवाब देने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। केजरीवाल पर ED के साथ-साथ CBI का केस भी चल रहा है। शराब नीति में भ्रष्टाचार को लेकर CBI ने केजरीवाल को 26 जून को अरेस्ट किया था।

ED ने 21 मार्च को किया था अरेस्ट

सीएम अरविंद केजरीवाल को शराब नीति में मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर ED ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। 20 जून को ट्रायल कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। इसके खिलाफ ईडी ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने 25 जून को ट्रायल कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई थी।

केजरीवाल बोले- कानून के हिसाब से ठीक नहीं थीं ED की दलीलें

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ईडी की दलीलें कानून के हिसाब से ठीक नहीं थीं। ईडी की दलीलें असंवेदनशीलता के रवैये को दिखाती हैं। PMLA की धारा 3 के तहत मेरे खिलाफ कोई केस नहीं बनता है। मेरे जीवन और स्वतंत्रता को झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामले से बचाया जाना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल- ईडी के पास सबूत नहीं

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ईडी ने अन्य आरोपियों पर दबाव बनाया और उनसे ऐसे बयान दिलवाए, जिससे केस में ED को फायदा हुआ। ट्रायल कोर्ट का जमानत ऑर्डर न केवल तर्कपूर्ण था, बल्कि यह दर्शाता है कि दोनों पक्षों की दलीलों पर विवेक के आधार पर फैसला सुनाया गया था। ऐसा कोई सबूत नहीं है जो यह साबित करे कि आम आदमी पार्टी को साउथ ग्रुप से रिश्वत मिली है। इस रिश्वत का गोवा चुनाव में इस्तेमाल तो दूर की बात है। AAP के पास एक भी रुपया नहीं मिला। इस संबंध में लगाए गए आरोप को साबित करने के कोई भी ठोस सबूत नहीं है।

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हाईकोर्ट ने बेल पर लगाई रोक

केजरीवाल की जमानत पर रोक लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। दलीलों पर सही ढंग से बहस नहीं हुई थी, इसलिए राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को रद्द करते हैं। फैसले को देखकर ऐसा लगता है कि केजरीवाल को जमानत देते समय विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर विचार नहीं किया जा सकता, पूरी तरह से अनुचित है। ये दर्शाता है कि ट्रायल कोर्ट ने सामग्री पर अपना दिमाग नहीं लगाया है।

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