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Uttarakhand के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटा, सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मौसम विभाग ने दी आंधी-बारिश की चेतावनी

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Shreya Bhatia
Uttarakhand के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटा, सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मौसम विभाग ने दी आंधी-बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड। चमोली जनपद के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने के बाद सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर गिर गया था। इस सड़क पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। सेना के मुताबिक, अब तक 8 शव बरामद किए जा चुके हैं और 384 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इनमें 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सेना की सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ये लोग जोशीमठ के सुमना इलाके में बने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के कैंप में थे। खराब मौसम के चलते रात में रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था। अब सुबह होते ही इसे फिर से शुरू कर दिया गया है।

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प्रोजेक्ट पर काम रोकने के दिये निर्देश

इससे पहले मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, जिला प्रशासन को मामले की पूरी जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दे दिए हैं। एनटीपीसी एवं अन्य परियोजनाओं में रात के समय काम रोकने के आदेश दे दिए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना ना होने पाए। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह ने नीति घाटी के सुमना में ग्लेशियर टूटने की सूचना का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड को पूरी मदद देने का आश्वासन दिया है और आईटीबीपी को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उनकी इस तत्परता व संवेदनशीलता के लिए प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त करता हूं।

जिस वक्त ग्लेश्यिर टूटा, मजदूर कर रहे थे काम
BRO के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने दी है। उन्होंने कहा कि यहां सड़क निर्माण का काम चल रहा था। ग्लेशियर टूटने का कारण भारी बर्फबारी को माना जा रहा है। हादसे की वजह से जोशीमठ-मलारी हाईवे भी बर्फ से ढक गया है।

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फरवरी में आ चुका है जल प्रलय
इससे पहले उत्तराखंड में 7 फरवरी 2021 की सुबह साढ़े 10 बजे चमोली जिले के तपोवन में ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरा था। हादसे के बाद 50 से ज्यादा लोगों की लाश मिली थी, जबकि 150 से ऊपर लोग ऐसे थे, जिनका हादसे के बाद कोई पता नहीं चल पाया।

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