Army Day 2021: सेना दिवस पर राष्ट्रपति और PM समेत तमाम दिग्गजों ने जवानों की वीरता को किया सलाम, याद की कुर्बानी

Image Source: [email protected]Vice President of India

Army Day 2021: पूरे देश में आज भारतीय थल सेना दिवस (Army Day) मनाया जा रहा है। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से लेकर देश के तमाम दिग्गजों और सेना के पदाधिकारियों ने सेना के जवानों के प्रति सम्मान जाहिर किया। राष्ट्र की रक्षा के लिए शौर्य दिखाने और अपने प्राणों की कुर्बानी देने वाले सैनिकों को नमन किया।

राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट कर कहा, ‘सेना दिवस पर भारतीय सेना के बहादुर पुरुषों और महिलाओं को बधाई। हम उन बहादुरों को याद करते हैं जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। भारत साहसी और प्रतिबद्ध सैनिकों, दिग्गजों और उनके परिवारों के लिए हमेशा आभारी रहेगा।’

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर कहा, ‘सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के अधिकारियों, सैनिकों, पूर्व सैनिकों को शुभकामनाएं देता हूं। देश की सीमाओं की रक्षा हो या आपदा राहत, राष्ट्र सैनिकों के शौर्य और साहस पर सदैव विश्वास करता है।’

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘मां भारती की रक्षा में पल-पल मुस्तैद देश के पराक्रमी सैनिकों और उनके परिजनों को सेना दिवस की हार्दिक बधाई। हमारी सेना सशक्त, साहसी और संकल्पबद्ध है, जिसने हमेशा देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। समस्त देशवासियों की ओर से भारतीय सेना को मेरा नमन।’

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने ट्वीट कर कहा, ‘भारतीय सेना शौर्य और पराक्रम की प्रतीक है। देश के बहादुर सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करता हूं। राष्ट्र के प्रति उनकी नि:स्वार्थ सेवा और समर्पण पर सभी देशवासियों को गर्व है। हमारे वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को ‘थल सेना दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं।’

आर्मी डे पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने देश के वीर शहीदों को याद करते हुए कहा, ‘हम उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनका आभार व्यक्त करते हैं, जिनकी कर्तव्य के प्रति वीरता और सर्वोच्च बलिदान हमें नए सिरे से दृढ़ता के साथ खुद को समर्पित करने के लिए प्रेरित करता है।’

आज भारतीय सेना का 73वां स्थापना दिवस है। हर साल 15 जनवरी को आर्मी डे मनाया जाता है। इसके पीछे दो वजह है। पहला ये कि, 15 जनवरी 1949 को भारतीय सेना पूरी तरह ब्रिटिश थल सेना से मुक्त हो गई थी। दूसरा ये कि, इसी दिन जनरल केएम करियप्पा ने भारतीय थल सेना के कमांडर इन चीफ का पदभार ग्रहण किया था। जिसके बाद करियप्पा लोकतांत्रिक भारत के पहले सेना प्रमुख बने थे। केएम करियप्पा को ‘किप्पर’ के नाम से भी जाना जाता है।

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