Army Day 2021: भारत में 15 जनवरी को इस कारण से मनाया जाता है आर्मी डे, सेना करती है हर साल परेड का आयोजन

Army Day 2021,

Image Source- @adgpi

नई दिल्ली। देश में आज आर्मी डे (Army Day) मनाया जा रहा है। इस दिन भारतीय सेना के पहले कमांडर के एम करियप्पा (K.M cariappa) ने अपना पदभार ग्रहण किया था। उनके सम्मान में ही इस दिन को हर साल आर्मी डे के रूप में मनाया जाता है। साथ ही इस दिन सेना परेड का आयोजन भी करती है। ऐसे में आज हम आपको भारतीय सेना (Indian Army) से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य बताएंगे। जिसे जानकर आपको भी उनपर गर्व होगा।

अंग्रेजों ने की थी सेना की स्थापना
बतादें कि भारतीय सेना की स्थापना 1 अप्रैल 1895 में अंग्रेजों ने किया था। लेकिन मुख्यरूप से 15 जनवरी 1949 को एक भारतीय के हाथ में सेना की शक्ति का ट्रांसफर हुआ था। इसी दिन फील्ड मार्शल कोदंडेरा एम करियप्पा (Kodandera Madappa Cariappa) को पहला कंमाडर इन चीफ बनाया गया था।

भारतीय सेना विश्व में चौथे नंबर पर है
आज भारतीय सेना में लगभग 11 लाख कर्मचारी काम करते हैं। जबकि साठ 9 लाख कर्मचारी रिज़र्व हैं। यही कारण है कि आज पूरे विश्व में भारतीय सेना चौथे नंबर पर आती है। वहीं पहले नंबर पर अमेरिका, दूसरे पर रूस और तीसरे पर चीन की सेना आती है।

पाकिस्तान को किया आत्मसमर्पण करने पर मजबूर
वहीं भारतीय सेना द्वारा लड़े गए युद्दों की बात करें तो उसमें सबसे सफल युद्द 1971 का रहा जिसमें 16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान के लगभग 80 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष सबसे बड़ा आत्मसमर्पण (surrender) किया था। यह सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद किसी भी सेना द्वारा किया गया सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था। और इसी युद्द के बाद बांग्लादेश स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में आया।

भारत सेना ने चलाया विश्व का सबसे बड़ा राहत अभियान
2013 में उत्ताराखंड में आए प्राकृतिक आपदा को कौन नहीं जानता। यहां हजारों लोगों ने अपनी जान गवा दी थी। इंडियन आर्मी ने यहां बचाव कार्य के लिए आपरेशन ऱाहत चलया था। इस अभियान को अब तक का विश्व में सबसे बड़ा राहत अभियान माना जाता है। आपरेशन राहत के तहत इंडियन आर्मी ने सफलतापूर्वक हाजारों लोगों को प्राकृतिक आपदे से बचाया था।

उच्चाईयों पर युद्द करने में आर्मी को है महारत
इंडियन आर्मी को उंचाईयों पर सफलतापूर्वक युद्द लड़ने में महारत हासिल है। सेना विश्व के सबसे उंचे रणक्षेत्र सियाचिन
पर पहरा देती है। जिसकी उंचाई समुद्रतल से 5 हजार मीटर है। वहीं भारतीय सेना उंचाई पर युद्द लड़ने के लिए दूसरे देशों के सैनिकों को भी प्रशिक्षण देती है। इसके लिए आर्मी, हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल चलाती है।

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