Advertisment

छत्तीसगढ़ के जशपुर में प्रायोगिक आधार पर शुरू होगी सेब की खेती

author-image
Bhasha
देश में रविवार तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया: सरकार

जशपुर, तीन जनवरी (भाषा) काजू, मिर्च, आलू और अन्य नकदी फसलों की खेती के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जशपुर जिले में अब प्रायोगिक आधार पर सेब की खेती की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

Advertisment

अधिकारी ने कहा कि यह प्रायोगिक खेती यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित पंद्रापथ में 10 एकड़ सरकारी भूमि पर की जाएगी और परिणामों के आधार पर खेती का विस्तार किया जा सकता है।

जशपुर के जिलाधिकारी महादेव कावरे ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''समुद्र तल से लगभग 1200 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ियों में बसे पंद्रापथ की कृषि-जलवायु की स्थिति सेब की कुछ किस्मों को उगाने के लिए अनुकूल है।''

उन्होंने कहा, ''पड़ोसी जिले सरगुजा के मैनपाट में सेब की इस किस्म की खेती के अच्छे परिणामों को देखते हुए, हमने इसे यहां दोहराने का फैसला किया है जहां की भू-जलवायु परिस्थितियां पंद्रापथ के ही समान हैं।''

Advertisment

उन्होंने कहा कि बागवानी परियोजना के तहत, जिला प्रशासन पंद्रापथ में 100 एकड़ में फैला हुआ एक हरा-भरा पार्क विकसित कर रहा है, जहां सेब के साथ नाशपाती, लीची, सब्जियां आदि उगाई जाएंगी।

उन्होंने कहा, ''हम जनवरी के अंत में सेब के 1600 पौधे लगाएंगे और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को भी खेती में शामिल किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 22 लाख रुपये का फंड रखा गया है।''

कावरे ने कहा कि किसान राजधानी रायपुर से 400 किलोमीटर दूर स्थित उत्तरी छत्तीसगढ़ के जशपुर के कुछ हिस्सों में नाशपाती, लीची, मिर्च, आलू की खेती कर रहे हैं और अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं।

Advertisment

भाषा कृष्ण शफीक

Advertisment
चैनल से जुड़ें