Antilia Case: जानिए कौन हैं सचिन वाजे, जिन्हें NIA ने गिरफ्तार किया है, पहले भी जा चुके हैं जेल

Sachin Vaze

नई दिल्ली। उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक मिलने के मामले में NIA ने मुंबई पुलिस के एक अधिकारी सचिन वाजे (Sachin Vaze) को गिरफ्तार किया है। वाजे इस मामले में शुरूआत से ही शक के घेरे में थे। शनिवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने वाजे को पूछताछ के लिए बुलाया था। 13 घंटे लंबे पूछताछ के बाद आखिरकार उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर सचिन वाजे हैं कौन और उनका इस केस से क्या लेनादेना है।

विस्फोटक मामले की जांच कर रहे थे सचिन वाजे

दरअसल, 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर, एंटीलिया (Antilia) के बाहर एक विस्फोटक और धमकी भरे पत्र के साथ स्कॉर्पियो कार मिली थी। जांच में पता चला कि एसयूवी मनसुख हरेन नाम के एक शख्स की है। जिसे कुछ दिन पहले ही चोरी किया गया था। पूरे मामले को सचिन वाजे की अगुवाई वाली टीम को सौंपा गया। लेकिन तभी खबर आई कि मनसुख की मौत हो चुकी है। उनका शव एक तालाब में मिला है। यहां मौके पर भी सबसे पहले सचीन वाजे पहुंचे थे। इस घटना के बाद से ही सचिन पर शक के घरे में थे। साथ ही मनसुख की पत्नी ने भी वाजे पर आरोप लगाया था।

सचिन के समर्थन में आए उद्धव

सचिन की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं। वहीं रविवार सुबह एनआईए ने सचिन वाजे के इनोवा कार को भी जब्त कर लिया है। बताया जा रहा है कि घटना के दिन वाजे की इनोवा कार भी मुकेश अंबानी के घर से कुछ दूर पर खड़ी थी। वहीं अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने सचिन वाजे का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी के साथ ऐसे बर्ताव किया जा रहा है मानों वह ओसामा बिन लादेन हो। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने उद्धव ठाकरे के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि वाजे को अब वकील की जरूरत नहीं है, क्यों कि खुद मुख्यमंत्री उनकी वकालत कर रह हैं।

कौन हैं सचिन वाजे

सचिन वाजे, मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे हैं। मूल रूप से कोल्हापुर के रहने वाले हैं और 1990 बैच के पुलिस अधिकारी हैं। 1992 से लेकर 2004 तक उन्होंने 63 अपराधियों के एनकाउंटर किए हैं। लेकिन साल 2004 में घाटकोपर बलास्ट केस में जब मुख्य आरोपी ख्वाजा यूनुस को गिरफ्तार किया गया और औरंगाबाद ले जाते समय ऐसा कहा गया कि वह फरार हो गया है। लेकिन जब सीआईडी ने मामले की जांच की तो खुलासा हुआ कि ख्वाजा की मौत पुलिस हिरासत में हो गई थी। इसके बाद वाजे को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही उन्हें सबूत मिटाने के जुर्म में गिरफ्तार भी कर लिया गया था। वर्दी उतरने के बाद वाजे ने राजनीतिक पारी खेली। 2008 में वे शिवसेना में शामिल हो गए। लेकिन जैसे ही पिछले साल शिवसेना महाराष्ट्र में सत्ता में आई सचिन वाजे को वर्दी मिल गई। लेकिन अब एक बार फिर से वाजे को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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