Anokha Goggle : कमाल का चश्मा, नींद लगने के 3 सेकेंड में कान में बजाएगा अलार्म, नहीं हो पाएगा एक्सीडेंट

Anokha Goggle : कमाल का चश्मा, नींद लगने के 3 सेकेंड में कान में बजाएगा अलार्म! नहीं हो पाएगा एक्सीडेंट anokha-goggle-amazing-glasses-alarm-will-ring-in-ear-in-3-seconds-of-falling-asleep-accident-will-not-happen

Anokha Goggle :  कमाल का चश्मा, नींद लगने के 3 सेकेंड में कान में बजाएगा अलार्म, नहीं हो पाएगा एक्सीडेंट

नई दिल्ली। अगर आप Anokha Goggle रात को ड्रायविंग करते हैं तो नींद आने का खतरा अधिक होता है। इस कंडीशन में आपके एक्सीडेंट के चांसेस भी बढ़ जाते है। लेकिन जरा सोचिए अगर आपको भी कोई ऐसी चीज मिल जाए जो गाड़ी चलाते समय आपको नींद आने पर उठा दे कैसा होगा। वो भी ऐसे ही नहीं अलार्म बजा कर तो कैसा रहेगा।

जी हां पर ये सच है। यूपी के मेरठ में रहने वाले सचिन ने कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया है। सचिन ने एक ऐसा चश्मा बनाया है जो नींद लगने पर तुरंत आपके कान में एलार्म बजा देगा। ऐसा माना जा रहा है कि इससी सहायता से कार से होने वाले एक्सीडेंट में कमी आएगी।

आईआईटी का स्टूडेंट हैं सचिन
आईआईटी स्टूडेंट सचिन के मुताबिक इस चश्मे को लगाने के बाद वाहन चालक की जान बच सकेगी। इससे एक्सीडेंट होने का खतरा भी कम होगा। इस चश्मे में नैनो डिवाइस, एडवांस माइक्रो कंट्रोलर, इंफ्रारे सेंसर और एक छोटा-सा बजर के साथ—साथ एक बैटरी लगाई गई है। अगर वाहन चालक को ड्रायविंग के दौरान नींद आती है तो चश्मे में लगा हुआ अलार्म वाहन चालक के कान में बजने लगता है। जिससे उसकी नींद टूट जाती है।

3 सेकेंड के अंदर टूटेगी नींद

सचिन के अनुसार ड्राइविंग के दौरान अगर वाहन चालक को नींद आती भी है तो मात्र 3 सेकंड के अंदर ये चश्मा एक्टिव होकर उसके कान में अलार्म बजा देगा। जिससे उसकी नींद टूटने से वह ड्राइविंग पर फोकस कर पाएगा। नींद खुलने के बाद ही यह एक आम चश्मे की तरह काम करेगा।

नींद के कारण होते हैं अधिकतर एक्सीडेंट
देश में आधा से ज्यादा रोड एक्सीडेंट वाहन चालक की नींद लगने के कारण होते हैं। जिसके चलते गाड़ी बेकाबू होकर किसी चीज से या वाहन से टकरा जाती है। सचिन का ये आविष्कार इस समस्या को दूर करने में कारगार साबित हो सकता है।

सदमें से प्रभावित होकर बनाया चश्मा
सचिन के अनुसार कुछ साल पहले उसके रिश्तेदार की नींद की कार एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। जिसका कारण भी नींद लगना ही था। इसके बाद सदमें चला गया था। जिसके कारण सचिन ने एक ऐसा डिवाइस बनाने का निर्णय लिया जो इस समस्या से छुटकारा दिला सके।

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