नेताजी के सम्मान के तौर पर बंगाल में योजना आयोग जैसे संगठन की स्थापना होगी: ममता

कोलकाता, चार जनवरी (भाषा) नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अवधारणा वाले योजना आयोग को समाप्त किए जाने को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय नायकों के विचारों और सोच को आगे बढ़ाने के लिए इसी तरह के आयोग की स्थापना करेगी।

मुख्यमंत्री ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन और अभिजीत बनर्जी के अलावा नेताजी के पोते इतिहासकार सुगाता बोस से भी अपील की कि वे इस मामले में राज्य सरकार को सुझाव दें।

उन्होंने कहा, ” नेताजी के योजना आयोग को केंद्र सरकार ने भंग कर दिया है। उन्होंने (केंद्र) इसका नया नाम नीति आयोग या नीति नियोग क्या रखा है? मुझे इसकी जानकारी नहीं है। इससे पहले मैं अक्सर योजना आयोग की बैठकों में भाग लेती थी जोकि प्रत्येक राज्य से सुझाव प्राप्त करता था। अब हम अपने विचार साझा नहीं कर सकते हैं।”

देश की पंचवर्षीय योजनाएं बनाने एवं अन्य कार्यों के लिए 1950 में योजना आयोग का गठन किया गया था। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे 2014 में भंग कर दिया और इसके स्थान पर नीति आयोग का गठन किया।

राज्य सचिवालय में ममता बनर्जी ने कहा, ” आइए कुछ पहल करते हैं। हम नेताजी के विजन को दुनिया के बीच ले जाने के लिए बंगाल योजना आयोग का गठन करेंगे।”

साथ ही उन्होंने नेताजी के जन्मदिवस 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की भी मांग की।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में 23 जनवरी से पूरे साल जारी रहने वाले कार्यक्रमों के आयोजन के वास्ते राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के सदस्यों के साथ बैठक की।

अभिजीत बनर्जी और समिति के अन्य सदस्यों ने इस ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लिया।

बनर्जी ने कहा कि राज्य में नेताजी की जयंती को ”देश नायक दिवस” के रूप में मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जल्द ही कोलकाता के पास राजरहाट क्षेत्र में ”आजाद हिंद फौज स्मारक” बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य एक राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना करेगा जिसका नाम नेताजी के नाम पर होगा।

भाषा शफीक उमा

उमा Shafeeq

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