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अमोनिया गैस रिसाव : कुर्नूल प्रशासन को पर्यावरण नुकसान को ठीक करने के लिए कदम उठाने का निर्देश

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Bhasha
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नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने आंध्र प्रदेश में कुर्नूल प्रशासन को नंदयाल में अमोनिया गैस रिसाव के चलते पर्यावरण को हुए नुकसान को ठीक करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल के नेतृत्व वाली पीठ ने उस विशेषज्ञ समिति की सिफारिश को स्वीकार कर लिया जिसने एसपीवाई एग्रो इंडस्ट्रीज के आसपास के क्षेत्र में अमोनिया स्तर की निगरानी की थी। एसपीवाई एग्रो इंडस्ट्रीज में 26 जून 2020 को अमोनिया रिसाव की घटना हुई थी।

समिति ने अधिकरण को बताया कि दुर्घटना का मुख्य कारण सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं करना था तथा रिसाव के लिए इकाई के कर्मचारी और प्रबंधन दोनों जिम्मेदार हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हमने रिपोर्ट को तर्क पर सही पाया है और प्रतिष्ठान की आपत्तियों का कोई आधार नहीं है।’’

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उसने कहा, ‘‘तदनुसार, हम रिपोर्ट को स्वीकार करते हैं और प्रतिष्ठान को उक्त सिफारिशों के संदर्भ में उपचारात्मक कदम उठाने का निर्देश देते हैं जिसकी देखरेख वैधानिक नियामकों द्वारा की जाए।’’

एनजीटी ने कहा कि वैधानिक नियामकों को सतर्कता बनाए रखनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए संबंधित प्रतिष्ठानों की सुरक्षा ऑडिट करनी चाहिए।

कुर्नूल जिले के नंदयाल में स्थित एसपीवाई एग्रो इंडस्ट्रीज में अमोनिया गैस रिसाव की दुर्घटना 26 जून को हुई थी और इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन श्रमिक बीमार हो गए थे।

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हरित अधिकरण ने निर्देश दिया था कि एसपीवाई एग्रो मृतक के परिजनों के लिए अंतरिम मुआवजे के रूप में 15 लाख रुपये और तीन अन्य श्रमिकों के लिए पांच-पांच लाख रुपये कुर्नूल जिला मजिस्ट्रेट के पास जमा करे।

भाषा अमित नीरज

नीरज

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