Parliament Budget Session: अमित शाह ने बताया कब लागू होगा CAA? विपक्ष पर मुसलमानों को गुमराह करने का लगाया आरोप

Parliament Budget Session: संसद में आज राम मंदिर पर पेश होगा धन्यवाद प्रस्ताव, BJP ने सांसदों को जारी किया व्हिप।

Parliament Budget Session: अमित शाह ने बताया कब लागू होगा CAA? विपक्ष पर मुसलमानों को गुमराह करने का लगाया आरोप

   हाइलाइट्स

  • अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान।
  • लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा CAA
  • विपक्ष पर मुसलमानों को गुमराह करने का लगाया आरोप।

Parliament Budget Session: संसद में आज अयोध्या के राम मंदिर को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। BJP सांसदों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। बता दें, कि यह चर्चा नियम 193 के तहत लोकसभा में जारी है। इसके बाद यह बहस राज्यसभा में आगे बढ़ेगी  शाम 5 बजे पीएम मोदी लोकसभा में विदाई भाषण देंगे।

   अमित शाह ने किया CAA  लागू करने का ऐलान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CAA को लेकर बड़ा ऐलान किया है। अमित शाह ने कहा है, कि लोकसभा चुनाव (Parliament Budget Session) होने से पहले पूरे देश में CAA लागू किया जाएगा। मैं साफ कर देना चाहता हूं, कि CAA किसी व्यक्ति की नागरिकता नहीं छीनेगा। साथ ही शाह ने विपक्ष पर मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। चुनाव से पहले CAA को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। आपको बता दें, कि अमित शाह ने दिसंबर महीने में बंगाल दौरे के दौरान दावा किया था, कि CAA को लागू करने से कोई रोक नहीं सकता।

1528 से शुरू हुए संघर्ष और अन्याय के खिलाफ आंदोलन के अंत का 22 जनवरी का दिन है। न्याय की लड़ाई यहां समाप्त हो गई। इसके पहले चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने पर चर्चा हुई। इस दौरान चेयरमैन जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस मेंबर्स को फटकार लगाई।

अमित शाह से पहले AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने 2 बार बाबरी मस्जिद जिंदाबाद के नारे लगाए। शाह की स्पीच शुरू होते ही वो सदन से बाहर चले गए।

   अमित शाह बोले- जय सियाराम का नारा

लोकसभा में राम मंदिर पर चर्चा के दौरान बोले गृह मंत्री- जब राम मंदिर का आंदोलन चला तो 'जय श्रीराम' का नारा लगा और अब राम मंदिर का निर्माण हो गया है, तो यह नारा 'जय सियाराम' हो गया।

   लोकसभा में राम मंदिर चर्चा पर अमित शाह के भाषण की बड़ी बातें

मैं आज किसी को जवाब नहीं देना चाहता, आज मैं अपने मन की बात और देश की जनता की आवाज सदन में रखना चाहता हूं।

सालों से यह आवाज कोर्ट के कागजों में दबी हुई थी, नरेंद्र मोदी के PM बनने के बाद उस आवाज को अभिव्यक्ति भी मिली।

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी के इस दिन को लोग भले कुछ भी कहें, यह दिन 10 सहस्त्र से अधिक सालों तक याद किया जाएगा। लोगों के मन में यह हमेशा जाग्रत रहेगा।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का दिन 1528 से चली न्याय की लड़ाई का आखिरी दिन है।

अब तक हजारों लोग चले गए, कई पीढ़ियां चल गईं, लेकिन वे राम मंदिर के निर्माण और राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का दिन नहीं देख पाए। हम बड़े सौभाग्यशाली हैं।

राष्ट्र की इच्छा की पूर्ति शुभ मुहूर्त में 22 जनवरी को हुई है।

राम मंदिर में रामलला 330 साल के बाद विराजमान हैं।

राम आंदोलन से अगर कोई अनजान होता है, तो इस देश के इतिहास को पढ़ ही नहीं सकता है।

राम मंदिर का सपना मोदी जी के समय में ही सिद्ध हुआ है।

मैं उन संतो को आज के दिन याद करता हूं, जिन्होंने सन् 1528 से राम मंदिर की लड़ाई लड़ी। वे आज जहां भी होंगे, आनंद की अनुभूति कर रहे होंगे।

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   श्वेत पत्र पर PM रख सकते हैं बात

संसद के उच्च सदन में सरकार की ओर से लाए गए ‘भारतीय अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र’ विषय पर भी चर्चा होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को इसे राज्यसभा में पेश किया था। BJP ने इन विषयों पर चर्चा के दौरान अपने सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्हिप जारी किया है। निचले सदन में ‘अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र’ विषय पर चर्चा पूरी हो चुकी है।

वित्त मंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधा था और कहा था कि प्रगतिशील गठबंधन की तत्कालीन सरकार ने कोयले को राख बना दिया था, जबकि मौजूदा सरकार ने उसी कोयले को हीरा बना दिया। बजट सत्र की 31 जनवरी से शुरू हुआ था जोकि 9 फरवरी को समाप्त होना था, लेकिन दोनों विषयों के मद्देनजर सत्र को 1 दिन बढ़ाकर शनिवार तक कर दिया गया।

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