Ambedkarnagar Schools Madrasa Fine: बिना मान्यता के चलाए जा रहे थे स्कूल-मदरसे, प्रशासन ने लगाया लाखों का जुर्माना

Ambedkarnagar Schools Madrasa Fine: अम्बेडकरनगर जिले में बिना मान्यता चलाने वाले स्कूलों और मदरसों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। शिक्षा विभाग ने जलालपुर क्षेत्र के 9 संस्थानों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

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हाइलाइट्स

  • अम्बेडकरनगर में 9 अवैध स्कूलों पर 1 लाख जुर्माना
  • बिना मान्यता स्कूल और मदरसों पर सख्त कार्रवाई 
  • RTE 2009 के तहत अवैध संस्थानों को चेतावनी

रिपोर्ट: गिरजेश प्रताप सिंह

Ambedkarnagar Schools Madrasa Fine: अम्बेडकरनगर जिले में बिना मान्यता (Unrecognized Schools) के संचालित हो रहे स्कूलों और मदरसों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA Ambedkarnagar) की ओर से शिक्षा क्षेत्र जलालपुर के 9 विद्यालयों और मदरसों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना (Penalty on Schools) लगाया गया है।

इन संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर जुर्माना राशि जमा करने का आदेश दिया गया है। अगर निर्धारित समय सीमा के अंदर राशि जमा नहीं की जाती, तो आर्थिक दंड (Fine) की वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी।

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कार्रवाई क्यों हुई?

शिक्षा निदेशक (बेसिक) उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेश और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act 2009) के तहत बिना मान्यता प्राप्त कोई भी स्कूल स्थापित या संचालित नहीं किया जा सकता।

1 जुलाई 2025 को शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किया था कि बिना मान्यता वाले स्कूल तत्काल बंद किए जाएं।

इसके बावजूद कई स्कूल और मदरसे अवैध रूप से चलते पाए गए।

BSA का नोटिस: जुर्माना और नियम

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बेडकरनगर ने नोटिस में साफ लिखा है:

प्रावधानविवरण
जुर्माना राशि₹1,00,000 प्रति विद्यालय/मदरसा
जमा करने की समय सीमा7 दिन
जुर्माना न जमा करने परभू-राजस्व की तरह वसूली की जाएगी
अधिनियम लागूनिःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009
आदेश संदर्भशिक्षा निदेशक (बेसिक) लखनऊ पत्रांक 27 अप्रैल 2018 और 1 जुलाई 2025

किन संस्थानों पर कार्रवाई?

सभी 9 स्कूल और मदरसे शिक्षा क्षेत्र जलालपुर के हैं।

अन्य शिक्षा क्षेत्रों से अभी खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट आनी बाकी है।

रिपोर्ट आने के बाद और भी विद्यालयों पर कार्रवाई तय है।

महत्वपूर्ण प्रावधान (RTE Act 2009 के तहत)

बिना मान्यता प्राप्त स्कूल स्थापित या संचालित करना प्रतिबंधित है।

नियम तोड़ने वाले संचालकों पर ₹1,00,000 तक का जुर्माना।

उल्लंघन जारी रहने पर हर दिन ₹10,000 का अतिरिक्त जुर्माना।

मान्यता वापस लेने के बाद भी स्कूल चलाना अपराध माना जाएगा।

छात्रों को निकटतम मान्यता प्राप्त स्कूल में प्रवेश दिलाने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

CBSE व बेसिक शिक्षा विभाग का सख्त रुख

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार द्वारा पर्याप्त मान्यता प्राप्त विद्यालय पहले से संचालित किए जा रहे हैं।
ऐसे में बिना मान्यता के चल रहे स्कूल पूरी तरह अवैध हैं और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक नजर में 

अम्बेडकरनगर में शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि बिना मान्यता (Unrecognized Schools) के विद्यालय अब किसी भी हाल में नहीं चल पाएंगे।
जलालपुर शिक्षा क्षेत्र के 9 स्कूलों और मदरसों पर लगाया गया यह जुर्माना आने वाले समय में अन्य अवैध संस्थानों के लिए भी चेतावनी है।

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