खुदरा परिसंपत्तियों की बिक्री के लिए आरआईएल से बातचीत की अमेजन को थी पूरी जानकारी: बियानी

नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) फ्यूचर समूह के संस्थापक और सीईओ किशोर बियानी ने मंगलवार को कहा कि खुदरा परिसंपत्तियों की बिक्री के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ समूह की बातचीत के बारे में अमेजन को पूरी तरह पता था, हालांकि अमेरिकी कंपनी ने नकदी संकट से उबरने के लिए कोई ठोस मदद की पेशकश नहीं की।

फ्यूचर समूह इस समय रिलायंस के साथ 24,713 करोड़ रुपये के बिक्री समझौते को लेकर अमेजन के साथ कानूनी लड़ाई में उलझा हुआ है।

बियानी ने पीटीआई-भाषा को एक साक्षात्कार में बताया कि अमेरिकी कंपनी का 2019 में फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड (एफसीपीएल), फ्यूचर रिटेल की पितृ कंपनी, में निवेश सिर्फ कूपन और उपहार कारोबार के लिए था और खुदरा परिसंपत्तियों के रिलायंस के पास जाने के बाद भी वह जारी रह सकता है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सेबी की मंजूरी के दो महीनों में रिलायंस के साथ सौदा पूरा हो सकता है।

अमेजन द्वारा किए गए मुकदमे के बारे में बियानी ने कहा कि सौदा और मध्यस्थता की प्रक्रिया, दोनों एक साथ जारी रह सकते हैं, क्योंकि अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले समूह के साथ हुआ समझौता समूह की कंपनी फ्यूचर कूपंस से संबंधित नहीं है, जिसमें ई-कॉमर्स कंपनी ने हिस्सेदारी हासिल की है।

बियानी ने कहा कि फ्यूचर समूह ने कई बार उनसे (अमेजन) संपर्क किया था, क्योंकि लॉकडाउन के बाद समूह का खुदरा कारोबार बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ था और कर्ज काफी बढ़ गया था।

उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘जिस दिन कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन की शुरुआत हुई, उसके बाद हम लगातार अमेजन के संपर्क में थे। ऐसी बात नहीं है कि उन्हें (अमेजन को) जानकारी नहीं थी। हमने मार्च में उन्हें कीमतों में गिरावट और गिरवी शेयरों की बिक्री के बारे में लिखा था।’’

बियानी ने कहा कि कुछ ऐसे उपबंध थे, जिनके तहत अमेजन उधारदाताओं को दूसरों के साथ बदल सकता था, जिससे फ्यूचर को शेयरों का स्वामित्व बनाए रखने में मदद मिलती।

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड महामारी आई और उसके बाद बात बन नहीं सकी। इस दौरान हमने उनसे (अमेजन) से चर्चा की। यहां तक कि जब रिलायंस बातचीत का हिस्सा थी, तो वे हमेशा इस बारे में जानते थे।’’

यह पूछने पर कि फ्यूचर समूह ने अमेजन से कितनी बार संपर्क किया, उन्होंने कहा, ‘‘हम लगातार बातचीत में थे। हमने उनसे कई बार संपर्क किया। हमारे फोन पर बात की और बैठकें भी हुईं।’’

बियानी ने कहा, ‘‘जब आरआईएल के साथ खास बातचीत हुई, तो अमेजन को भी इस बारे में बताया गया। मामला कानूनी (न्यायालय के अधीन) बन जाने के बाद हमने बात नहीं की है।’’

उन्होंने कहा कि अमेजन का रुख हमेशा यही था कि ‘‘चलो कुछ समाधान खोजते हैं’’ और ‘‘बहुत सारी कागजी कार्रवाई’’ के अलावा उन्हें अमेजन से कोई समाधान नहीं मिला।

हालांकि, अमेजन ने इस आरोप का बचाव किया।

अमेजन के प्रवक्ता ने कहा ‘‘यह कहना गलत है कि अमेजन ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड को मदद की पेशकश नहीं की, क्योंकि एक तरफ साझेदारों के साथ और दूसरी तरफ फ्यूचर के प्रवर्तकों के साथ कई विकल्पों पर चर्चा चल रही थी।’’

अमेजन ने आरआईएल के साथ हुए सौदे के खिलाफ फ्यूचर समूह को सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) में खींच लिया, जिसने 25 अक्टूबर को ई-कॉमर्स दिग्गज के पक्ष में एक अंतरिम आदेश पारित किया।

भाषा पाण्डेय महाबीर

महाबीर

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