सभी नगर निकायों को स्वच्छता का इंदौर मॉडल अपनाने को कहा जाएगा : पर्यावरण मंत्री

इंदौर (मध्यप्रदेश), 29 दिसंबर (भाषा) लगातार चार बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीत चुके इंदौर में साफ-सफाई के नवाचारी इंतजामों की केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को जमकर सराहना की।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के सभी नगर निकायों को स्वच्छता का इंदौर मॉडल अपनाने को कहा जाएगा ताकि वे भी कामयाबी की इस कहानी को दोहरा सकें।

एक दिवसीय निजी यात्रा पर यहां पहुंचे जावड़ेकर ने स्वच्छता के नवाचारों को लेकर स्थानीय प्रशासन का प्रस्तुतिकरण देखा। इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘पिछले पांच-छह साल में इंदौर ने स्वच्छता की नयी कीर्ति गाथा लिखी है।’

उन्होंने कहा, ‘देश में कोविड-19 का खतरा धीरे-धीरे कम हो रहा है। हम सभी शहरों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करेंगे और नगर निगमों से कहेंगे कि वे स्वच्छता के इंदौर मॉडल को अपनाएं व इसकी सफलता को दोहराएं।’

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर की सिलसिलेवार सफलता का श्रेय सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के साथ ही सभी दलों के राजनेताओं, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों और सफाई कर्मियों के सतत कोशिशों की बदौलत इंदौर, देश का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है।

इंदौर, वर्ष 2017, 2018, 2019 और 2020 के राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षणों में देश भर में अव्वल रहा है। वर्ष 2021 के सर्वेक्षण में जीत के इस सिलसिले को कायम रखने की कवायद में जुटे इंदौर नगर निगम (आईएमसी) ने ‘इंदौर लगाएगा स्वच्छता का पंच’ का नारा दिया है।

आईएमसी के अधिकारियों ने बताया कि शहर में हर रोज तकरीबन 1,200 टन कचरे का अलग-अलग तरीकों से सुरक्षित निपटारा करने की क्षमता विकसित की गयी है। इसमें 550 टन गीला कचरा और 650 टन सूखा कचरा शामिल है।

उन्होंने बताया कि गीले और सूखे कचरे के प्रसंस्करण से आईएमसी को वित्त वर्ष 2019-20 में करीब छह करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।

भाषा हर्ष नीरज

नीरज

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