Ban on Pre-Wedding Shoots: देशभर में प्री-वेडिंग शूट पर लगाया प्रतिबंध, क्‍या इस निर्णय से दुखी होंगे कपल्‍स?

Ban on Pre-Wedding Shoots: देशभर में प्री-वेडिंग शूट पर लगाया प्रतिबंध, निर्णय हैदराबाद में संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला

Ban on Pre-Wedding Shoots: देशभर में प्री-वेडिंग शूट पर लगाया प्रतिबंध, क्‍या इस निर्णय से दुखी होंगे कपल्‍स?

   हाइलाइट्स

  • देशभर में प्री-वेडिंग शूट पर लगाया प्रतिबंध
  • देशभर में शादी के पहले नहीं होगा फोटोशूट
  • अग्रवाल सभाओं में प्रस्ताव, फिर फैसला

Ban on Pre-Wedding Shoots: अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन ने युवा पीढ़ी के लिए बड़ा निर्णय लिया है। देशभर के अग्रवाल समाज में शादी समारोह से पहले होने वाले प्री-वीडिंग शूट बैन लगा दिया है। इसको लेकर महासभा ने सभी अग्रवाल सभाओं में प्रस्‍ताव भेजने के बाद निर्णय लिया है।

अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के निर्णय से युवा भी खुश हैं। यह निर्णय हैदराबाद में संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लिया गया था। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्री-वेडिंग शूट (Ban on Pre-Wedding Shoots) के चलते रिश्ते टूटने और वैवाहिक संबंधों में दरार आने लगी थी। इससे परिवार में भी बिखराव की नौवत आ जाती थी। इसके चलते इस पर प्रतिबंध लगाया गया है।

   फूहड़ता बढ़ती जा रही थी

Ban on Pre-Wedding Shoots-Agrawal Samaj Decision

डॉ. अशोक अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्री-वेडिंग शूट (Ban on Pre-Wedding Shoots) के दौरान फूहड़ता बढ़ रही है। समाज में प्री-वेडिंग के माध्‍यम से संदेश भी गलत परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए किया जाने लगा।

जिसे समाज के वरिष्ठों ने महसूस किया। इसके बाद सभी अग्रवाल सभाओं (Ban on Pre-Wedding Shoots) को प्रस्ताव भेजा गया। इसके बाद फिर हैदराबाद में संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लेकर प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध लगा दिया।

बता दें कि पांच महीने पहले वृंदावन में अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के सम्मेलन यह प्रस्‍ताव आया था। देशभर में समाज के लोगों से चर्चा के बाद अब इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

   समाज ने इसे कुरीति माना

डॉ. अग्रवाल के द्वारा जानकारी दी गई कि प्री-वेडिंग शूट (Ban on Pre-Wedding Shoots) के परिणाम अच्‍छे नहीं थे। इससे समाज में सामाजिक कुरीति को बढ़ावा मिल रहा था। ऐसे में जो भी परिवार अपने बच्‍चों और दोनों नए संबंधी परिवार आगे बढ़, वैवाहिक संबंधों में दरार न आए, उन्‍हें प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध लगने पर अमल करना होगा।

यह उनके परिवार की भलाई के लिया अच्‍छा है। इस कार्य को करने पर समाज ने कोई दंड तय नहीं किया है। समाज की ओर से समझाइश दे सकते हैं। यह व्‍यक्ति तय करेगा कि उसे अपने परिवार की भलाई के लिए क्‍या करना है।

   हिंदू संस्‍कृति के विपरीत प्री-वेडिंग

All India Agarwal Organization

बता दें कि अग्रवाल समाज ही नहीं देश में कई समाज के लोग अपने बच्‍चों की शादी से पहले प्री-वेडिंग शूट (Ban on Pre-Wedding Shoots) कराते हैं। जबकि य‍ह हिंदू संस्कृति के अनुरूप नहीं है। ऐसे में अग्रवाल समाज के द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। समाज का कहना है कि इससे शादी में होने वाले खर्च में लाखों रुपए और बढ़ोतरी हो जाती है। यह शूट भी हिंदू संस्कृति के विपरीत होता है।

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   प्री-वेडिंग शूट का कोई मतलब नहीं

छत्‍तीसगढ़ के अलग-अलग युवाओं से जब अग्रवाल समाज के प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध वाले निर्णय को लेकर चर्चा की तो, उन्‍होंने कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है। प्री-वेडिंग (Ban on Pre-Wedding Shoots) का चलन अभी बढ़ कुछ समय से बढ़ा है।

पहले शादियां प्री-वेडिंग के बगैर ही होती थी, और सामाजिक रीतिरिवाज के साथ होती थी। इस प्रतिबंध से युवाओं को कोई परेशानी नहीं है। प्री-वेडिंग से समाज में गलत मैसेज जाता है। शादी से पहले ही कपल्‍स मिल जाते हैं।

इस दौरान अधिकतर फिल्‍मों में दिखाए जाने वाले सीन्‍स के अनुरूप ही प्री-वेडिंग शूट हो रहा है। यह समाज में गलत संदेश दे रहा था। इससे समाज के संगठन ने निर्णय लेकर प्रतिबंध लगाया है, यह ठीक किया है।

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