UP Akbarpur News: अकबरपुर की दिशा समिति बैठक में बवाल, मौजूदा सांसद और पूर्व सांसद आपस में ही भिड़े,देखें वीडियो

kanpur: चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद बढ़ गए। वारसी ने भोले पर आरोप लगाया कि वे अपनी फैक्ट्रियों में वसूली करते हैं और सरकारी योजनाओं के कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं। इस पर सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने पलटवार करते हुए कहा कि “वारसी जी को उपचार की जरूरत है।” दोनों के बीच हुई तीखी झड़प से बैठक का माहौल गर्मा गया।

Uttar Pradesh Registry Office: पूरे प्रदेश में चार दिन तक बंद रहेंगे सभी रजिस्ट्री कार्यालय,नहीं होंगा कोई भी बैनामा

UP Akbarpur News:अकबरपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक उस वक्त हंगामे में बदल गई जब सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं में तीखी नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप के चलते बैठक को बीच में ही स्थगित करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर माहौल संभाला। अकबरपुर के जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति  की बैठक बुलाई गई थी। बैठक का उद्देश्य जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा और समस्याओं पर चर्चा करना था। लेकिन माहौल तब बिगड़ गया जब सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी आपस में भिड़ गए।

आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा तनाव

सूत्रों के अनुसार, चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद बढ़ गए। वारसी ने भोले पर आरोप लगाया कि वे अपनी फैक्ट्रियों में वसूली करते हैं और सरकारी योजनाओं के कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं। इस पर सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने पलटवार करते हुए कहा कि “वारसी जी को उपचार की जरूरत है।” दोनों के बीच हुई तीखी झड़प से बैठक का माहौल गर्मा गया।

यह भी पढ़ें: Kanpur News: डिप्टी एसपी ऋषिकांत शुक्ला सस्पेंड, 100 करोड़ की संपत्ति और कारोबारी गठजोड़ बेनकाब!

पुलिस प्रशासन ने संभाला मोर्चा

हंगामा बढ़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक तुरंत सक्रिय हुए और दोनों नेताओं को शांत कराने की कोशिश की। अधिकारियों ने समझाकर स्थिति को काबू में किया। हालांकि माहौल इतना गर्म हो चुका था कि जिला प्रशासन ने बैठक को स्थगित करने का फैसला लिया।

विकास कार्यों पर चर्चा अधूरी 

बैठक में जिले के कई विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। चर्चा जिले में सड़कों की मरम्मत, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन पर केंद्रित थी। लेकिन विवाद के कारण बैठक बीच में ही रुक गई, जिससे विकास एजेंडा अधूरा रह गया।

बवाल के बाद दोनों नेताओं के बयान

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अनिल शुक्ला वारसी ने कहा, अकबरपुर सांसद अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। जनता के मुद्दों को उठाना अपराध नहीं है।”वहीं सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने कहा “वारसी जी अब राजनीतिक प्रासंगिकता खो चुके हैं, इसलिए इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।” दोनों के बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में इस टकराव की चर्चा तेज हो गई है।

किसानों को 10 घंटे से ज्यादा बिजली देने पर रोक: आदेश उल्लंघन पर अधिकारियों की कटेगी सैलरी, बिजली कंपनी का सख्त आदेश

मध्यप्रदेश में अब कृषि फीडरों (Agriculture Feeders) पर 10 घंटे से अधिक बिजली सप्लाई देने वाले अधिकारियों की सैलरी कटेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने इस संबंध में नया आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के निर्देशों के मुताबिक कृषि फीडरों को केवल 10 घंटे तक ही बिजली दी जा सकती है। अगर किसी फीडर पर लगातार इससे अधिक बिजली आपूर्ति की गई तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माना जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article