आज का मुद्दा: बीेजपी का ‘मिशन चंबल’

भोपाल: उपचुनाव में बीजेपी का सबसे ज्यादा ग्वालियर चंबल पर है। तीन दिनों तक सदस्यता अभियान चलाने के बाद एक बार फिर बीजेपी के दिग्गज चंबल में जुटे हुए हैं। होना भी चाहिए 2018 में यही वो रण था जहां बीजेपी पिछड़ी और सत्ता से दूर रह गई। इस बार बीजेपी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। दूसरी तरफ कांग्रेस भी बड़ी रणनीति तैयार कर रही है।

तीन दिनों के मेगा शो के बाद एमपी बीजेपी के मुखिया वीडी शर्मा और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर फिर से मिशन चंबल पर हैं। उपचुनाव की बिसात बिछाने दोनों नेताओं ने भिंड, मुरैना और ग्वालियर की एक दर्जन सीटों की रणनीति पर मंथन किया। नेताओं के साथ बैठकों में प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने मंत्री और पूर्व विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र के मंडल अध्यक्षों के मुताबिक काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जो लोग कांग्रेस से आए हैं, उन्हें सम्मान देने और उनको साथ लेकर क्षेत्र में दौरा करने को कहा गया है।

बीजेपी अपने सर्वे के आधार पर जीत का दावा कर रही और बिसात बिछा रही है। मुरैना में दोनों रणनीतिकारों ने पांचों विधानसभाओं के चुनिंदा कार्यकर्ताओं और संभावित प्रत्याशियों से अलग-अलग बैठक की। अंबाह में संभावित प्रत्याशी कमलेश जाटव, दिमनी में कृषि राज्यमंत्री गिर्राज दंडोतिया, मुरैना से पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंषाना, और सुमावली में पीएचई मंत्री एंदल सिंह कंसाना के साथ रणनीति को अंतिम रूप दिया।

2018 में ग्वालियर चंबल के रण में बीजेपी को झटका लगा था। यहां 2018 में बीजेपी पिछड़ी और सत्ता से दूर रह गई थी। यहां की 34 सीटों में से 26 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। सिर्फ 7 सीटों से बीजेपी को संतोष करना पड़ा था। क सीट हाथी भी खींच ले गया था..यही वजह है कि इस बार यहां की 16 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में बीजेपी तैयारियों को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

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