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Air Travel vs Road Safety: 'हवाई सफर' या रोड ट्रैवल दोनों में से कौनसा है ज्यादा सुरक्षित, जानें एक्सपर्ट की राय

Air Travel vs Road Safety: अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद हवाई यात्रा को लेकर डर बढ़ा है, लेकिन विशेषज्ञ डॉ. सुभाष गोयल का कहना है कि एयर ट्रैवल अब भी रोड ट्रैवल से 1000 गुना ज्यादा सुरक्षित है। जानिए क्यों फ्लाइट से सफर करना आज भी सबसे सेफ ऑप्शन है।

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anjali pandey
Air Travel vs Road Safety: 'हवाई सफर' या रोड ट्रैवल दोनों में से कौनसा है ज्यादा सुरक्षित, जानें एक्सपर्ट की राय

Air Travel Safety : अहमदाबाद फ्लाइट हादसे के बाद लोगों में हवाई यात्रा को लेकर डर स्वाभाविक है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि एयर ट्रैवल अब भी रोड ट्रैवल की तुलना में हजार गुना अधिक सुरक्षित है। एसटीआईसी ट्रैवल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष गोयल ने कहा, “ऐसे हादसे दुर्लभ होते हैं, लेकिन इनका मनोवैज्ञानिक असर गहरा होता है। इसके बावजूद, हवाई सफर सबसे सुरक्षित है और इससे डरने की जरूरत नहीं है।”

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रोड एक्सिडेंट कहीं ज्यादा आम, एयर ट्रैवल तकनीकी रूप से मजबूत

[caption id="attachment_838314" align="alignnone" width="992"]publive-image सड़क हादसा[/caption]

डॉ. गोयल ने समझाया कि जब कोई एक्सिडेंट होना होता है, तो वह कहीं भी हो सकता है  सड़क पार करते समय भी। उन्होंने कहा अगर किस्मत में लिखा हो, तो कोई भी दुर्घटना से नहीं बच सकता। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम एयर ट्रैवल से डरें, क्योंकि यह बेहद टेक्नोलॉजिकल और प्रोफेशनल सिस्टम से चलता है।

बोइंग 787 ड्रीमलाइनर पर टिप्पणी

[caption id="attachment_838315" align="alignnone" width="1020"]publive-image गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया प्लेन क्रैश[/caption]

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गोयल ने कहा, ड्रीमलाइनर दुनिया के सबसे सुरक्षित एयरक्राफ्ट में गिना जाता है। इस हादसे में एक व्यक्ति जीवित बचा, जो यह दर्शाता है कि सुरक्षा के कितने स्तर होते हैं। यह हमारे यहां कही जाने वाली कहावत को साबित करता है ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय।’

हर एयरक्राफ्ट टेकऑफ से पहले पूरी तरह चेक होता है

उन्होंने बताया कि जब भी कोई विमान टेकऑफ करता है, उसके हर पार्ट की पहले जांच होती है। यहां तक कि हर पायलट का मेडिकल फिटनेस टेस्ट भी बोर्डिंग से पहले होता है। इसलिए टेक्निकल फॉल्ट या पायलट एरर की संभावना बेहद कम होती है। उन्होंने कहा “प्लेन उड़ चुका था, इसका मतलब इंजन में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। हादसे के असल कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।

एयर इंडिया और बैकअप जनरेटर की जानकारी

उन्होंने एयर इंडिया के विमान के बारे में बताया कि उसमें 6 बैटरी जनरेटर लगे थे जो इंजन फेल होने की स्थिति में बैकअप के तौर पर काम करते हैं। “ऐसा नहीं है कि कोई एक एयरलाइन पूरी तरह सुरक्षित है और बाकी नहीं। हर एयरलाइन कभी न कभी हादसे की शिकार हुई है,” उन्होंने स्पष्ट किया।

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ब्लैक बॉक्स और जांच प्रक्रिया जारी

गोयल ने बताया कि ब्लैक बॉक्स मिल चुका है और जांच शुरू हो चुकी है। भारत के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के अधिकारी, यूके और अमेरिका के एविएशन एक्सपर्ट्स मौके पर पहुंच चुके हैं। “हमें भरोसा है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी,” उन्होंने कहा।

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