ब्लैक फंगस के लक्षणों को पहचानने के लिए AIIMS ने बताए तरीके, जानें गाइडलाइन के निर्देश

Black Fungus: कोरोना महामारी के बाद अब ब्लैक फंगस लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। मध्यप्रदेश के कुल 29 जिलों में फैल चुका है और अब तक ब्लैक फंगस 42 लोगों को अपना निवाला बना चुका है। इसी बीच दिल्ली AIIMS के आरपी सेंटर फॉर ऑप्थेल्मिक स्टडीज ने बीते दिनों अपने कोविड वार्ड में म्यूको माइकोसिस यानी ब्लैक फंगस का जल्द पता लगाने और उसकी रोकथाम के लिए गाइडलाइन जारी की है।

गाइलाइन के मुताबिक कोविड वार्ड में जोखिम वाले सभी मरीजों की पहचान के उनकी ब्लैक फंगस की शुरुआती जांच करने को कहा गया है। इसके साथ ही कोरोना मरीजों को खुद की जांच कराने के अलावा उनकी देखभाल करने वालों को भी ब्लैक फंगस के लक्षणों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

ब्लैक फंगस संक्रमण फैसलने की बड़ी वजह डॉक्टरों ने स्टेरॉयड बताई है। डॉक्टर्स का कहना है कि म्यूको माइकोसिस के मामले कोरोना के उन मरीजों में देखें जा रहे हैं, जिन्हें स्टेरॉयड दिया गया था। खासतौर पर उन लोगों में जो डायबिटीज और कैंसर से पीड़ित है।

आइए जानते हैं कि एम्स ने मरीजों और उनकी देखभाल करने वालों को क्या सलाह दी है…

कोरोना के किन मरीजों को ब्लैक फंगस से सबसे ज्यादा खतरा

– ऐसे मरीज जिनमें अनियंत्रित डायबिटीज या डायबिटिक कीटोएसिजोसिस (जब डायबिटीज के चलते शरीर में भारी मात्रा में कीटोन्स नाम के ब्लड एसिड बनते हैं) हो।

– ऐसे मरीज जिन्हें हाई डोज या लंबे समय स्टेरॉयड्स या Tocilizumab injection दिए गए हों।
– जिन्हें immumosuppressants यानी ऐसी दवा दी जा रही हो जो रोग प्रतिरोधकता को कम करते हों।

– कैंसर से पीड़ित

– गंभीर कोरोना से बीमार मरीज

– ऐसे मरीज जो ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट पर हों।

कोरोना मरीजों की देखभाल करने वाले इन लक्षणों पर निगाह रखें

– नाक से खून बहना, असामान्य काला स्त्राव या फिर पपड़ी निकलना।
– नाक में ब्लॉकिंग या बंद होना।
– सिरदर्द या आखों में दर्द होना।
– आंखों के आसपास सूजन दो-दो चीजें दिखना, आंखों में लालिमा, आंख बंद करने और खोलने में दिक्कत, आंख का बड़ा होना।
– चेहरे का सुन्न होना या झुनझुनी चबाने या मुंह खोलने में कठिनाई होना।

प्रतिदिन करें सेल्स एग्जामिनेशन करें कोरोना मरीज

– दिन के उजाले में पूरे चेहरे की गौर से जांच करें।
– देखें कहीं नाक, गाल, आंखों के आसपास त्वचा काली और सख्त तो नहीं हो रही।
– नाक, गाल, आखों के आसपास त्वचा को छूने पर दर्द तो नहीं हो रहा।
– टॉर्च की रोशनी से मुंह या नाक के अंदर कालापन और सूजन को देखें।

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