AIIMS Bhopal Schrier Award: एम्स भोपाल को बाल किडनी रोग देखभाल के लिए मिला इंटरनेशनल श्रियर अवॉर्ड

AIIMS Bhopal Schrier Award: एम्स भोपाल को इंटरनेशनल श्रियर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी ने बाल किडनी रोग देखभाल में उत्कृष्ट योगदान के लिए ये अवॉर्ड दिया है।

AIIMS Bhopal Schrier Award Child Kidney Disease Care

AIIMS Bhopal Schrier Award: एम्स भोपाल को इंटरनेशनल श्रियर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी ने बाल किडनी रोग देखभाल में उत्कृष्ट योगदान के लिए ये अवॉर्ड दिया है।

बाल किडनी रोग देखभाल में योगदान के लिए अवॉर्ड

AIIMS Bhopal Schrier Award

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. अजय सिंह के मार्गदर्शन में AIIMS संस्थान निरंतर चिकित्सा अनुसंधान में अहम उपलब्धियां हासिल कर रहा है। हाल ही में एम्स भोपाल ने इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (ISN) द्वारा 2025 का प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय श्रियर पुरस्कार प्राप्त किया है। ये सम्मान बाल किडनी रोग देखभाल में उनके उत्कृष्ट योगदान और 2018 से 2024 तक मैकगिल यूनिवर्सिटी, कनाडा के साथ सफल साझेदारी के लिए दिया गया है।

डॉ. रॉबर्ट डब्ल्यू. श्रियर के नाम पर अवॉर्ड

एम्स भोपाल को पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी में ISN क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में नामित किया गया। यह पुरस्कार डॉ. रॉबर्ट डब्ल्यू. श्रियर के नाम पर दिया जाता है, जो गुर्दा शोध और वैश्विक नेफ्रोलॉजी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए जाने जाते हैं। ये सम्मान उन संस्थानों को दिया जाता है जो अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों के माध्यम से नेफ्रोलॉजी देखभाल, शिक्षा और शोध में अद्वितीय प्रगति दिखाते हैं। एम्स भोपाल अब विश्व के उन 57 ISN सिस्टर रीनल सेंटर में से एक है, जिसने ये मान्यता प्राप्त की है।

एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने की सराहना

एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बाल रोग नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट की समर्पित सेवाओं और अग्रणी कार्यों की सराहना की। उन्होंने डॉ. शिखा मलिक (बाल रोग विभागाध्यक्ष), डॉ. अंबर कुमार और डॉ. गिरीश भट्ट को बधाई देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारी टीम के बाल किडनी रोग देखभाल को उन्नत बनाने के सतत प्रयासों का प्रमाण है। एम्स भोपाल को आईएसएन क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मिली यह मान्यता न केवल हमारी प्रतिष्ठा को बढ़ाएगी, बल्कि भारत और अन्य देशों में विभिन्न चिकित्सा केंद्रों को सहयोग प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

एम्स भोपाल में पिछले एक साल में कई बच्चों की जान बचाई

एम्स भोपाल की उपलब्धियां बताते हुए डॉ. शिखा मलिक ने बताया कि संस्थान की समर्पित बाल रोग डायलिसिस यूनिट ने पिछले साल 1000 से ज्यादा डायलिसिस और 150 प्लाज्मा एक्सचेंज सफलतापूर्वक किए हैं, जिससे कई बच्चों की जान बचाई। यह पुरस्कार एम्स भोपाल की ओर से डॉ. गिरीश भट्ट ने विश्व नेफ्रोलॉजी कांग्रेस 2025 में प्राप्त किया।

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एम्स भोपाल का उद्देश्य

एम्स भोपाल ने बाल किडनी रोग देखभाल को और बेहतर बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाल नेफ्रोलॉजी संघ (IPNA) फैलोशिप और बाल रोग नेफ्रोलॉजी में डीएम कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें दो डीएम फेलो पहले ही नामांकित हो चुके हैं। इन फेलो का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना और पूरे भारत में बाल रोग नेफ्रोलॉजी सेवाओं का विस्तार करना है।

भोपाल का पहला पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन: एक घंटे में फुल चार्ज होगी आपकी गाड़ी, बिल्कुल फ्री, जानें कहां जाना पड़ेगा

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