AIBEA 80th Foundation Day: बैंककर्मियों ने सामूहिक सौदेबाजी, द्विपक्षीयता, बैंकिंग की रक्षा की ली शपथ

AIBEA 80th Foundation Day: प्रदेश बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय परिसर में झंडावंदन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।

AIBEA 80th Foundation Day

भोपाल प्रदेश कार्यालय परिसर में स्थापना दिवस मनाया गया।

हाइलाइट्स

  • 80 साल पहले बैंककर्मियों के लिए बनी AIBEA
  • बैंककर्मियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई
  • मंगों को मनवाने आगामी कार्ययोजना तैयार की

AIBEA 80th Foundation Day: ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (AIBEA) का 80वां स्थापना दिवस (Foundation Day ) 20 अप्रैल, रविवार को मनाया गया। जहां एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने झंडावंदन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। बैंककर्मियों (bank employees ) ने हम सामूहिक सौदेबाजी, द्विपक्षीयता और सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग की रक्षा की सामूहिक शपथ ली।

एक-दूसरे से मिले गले बधाइयां दीं

भोपाल (Bhopal) के प्रदेश बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय परिसर में समारोह आयोजित किया गया। झंडावंदन (Flag hoisting) के बाद परिसर में केक काटा गया और फिर सभा (Meeting) का आयोजन किया गया। एक-दूसरे का मिठाई से मुंह मिठा किया गया। मध्य प्रदेश बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के महासचिव वीके शर्मा ने बताया कि आपसी भाईचारे और संगठनात्मक एकता का परिचय देते हुए सभी बैंक कर्मियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दीं।

इन प्रमुख नेताओं ने किया संबोधित

महासचिव वीके शर्मा ने बताया AIBEA सभी साथियों ने इस कार्यक्रम में पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। सभा को प्रमुख नेता वीके शर्मा, दीपक रत्न शर्मा, मोहम्मद नजीर कुरैशी, गुणशेखरण, मनोज चतुर्वेदी, अशोक पंचोली, जीडी पाराशर, जेपी दुबे, देवेंद्र खरे, विशाल धमेजा, के. वासुदेव सिंह, राशि सक्सेना, शिवानी शर्मा, कैलाश माखीजानी, महेंद्र गुप्ता, अमित गुप्ता, संतोष मालवीय, राम चौरसिया, अमोल अचवाल, वैभव गुप्ता सहित अन्य शामिल रहे।

Cheetah Project GandhiSagar Sanctuary: मालवा जंगल में 100 साल बाद देश में पहली बार चीते की शिफ्टिंग

Cheetah Project GandhiSagar Sanctuary

Cheetah Project GandhiSagar Sanctuary: एमपी में चीता प्रोजेक्ट (Cheetah Project) के दूसरे चरण के तहत 20 अप्रैल, रविवार को मंदसौर (Mandsour) जिले के गांधी सागर अभयारण्य में दो नर चीते पावक और प्रभास को छोड़ा गया। करीब 100 साल बाद अब चीतों के कदम इस जंगल में पड़े हैं। गांधीसागर में देश में पहली बार इनकी शिफ्टिंग की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article