Artificial Intelligence Risks: AI पर लगाम कसने की तैयारी, 2026 तक नियम बनाने की अपील

AI Regulation 2026: AI पर सख्त नियम बनाने की मांग तेज हो गई है। AI के गॉडफादर जेफ्री हिंटन, नोबेल विजेताओं और कई वैज्ञानिकों ने 2026 तक ग्लोबल लेवल पर नियम लागू करने की अपील की है।

Artificial Intelligence Risks: AI पर लगाम कसने की तैयारी, 2026 तक नियम बनाने की अपील

AI Misuse Dangers: AI जितना ताकतवर है, उतना ही इसके खतरे भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आम लोगों से लेकर खास तक, हर कोई इसका इस्तेमाल कर रहा है चाहे बात फोटो की हो या फिर जरूरी दस्तावेज़ शेयर करने की। इसी बढ़ते उपयोग और उससे जुड़े खतरों को देखते हुए अब इस पर नियंत्रण लगाने की तैयारी की जा रही है।

AI पर लगाम कसने की तैयारी शुरू हो गई है और साल 2026 तक इसके लिए बड़ा कदम उठाया जा सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरनाक इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाने की मांग तेज हो गई है। इस मांग का नेतृत्व खुद AI के गॉडफादर कहे जाने वाले जेफ्री हिंटन कर रहे हैं।

पिछले कुछ सालों में जहां AI ने दुनिया को नई तकनीकी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, वहीं इसके दुष्प्रभावों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से दुनिया भर के वैज्ञानिकों, नोबेल पुरस्कार विजेताओं और मशहूर हस्तियों ने मिलकर AI पर सख्त नियम बनाने की अपील की है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की हाई-लेवल वीक के दौरान 200 से अधिक विशेषज्ञों और नेताओं ने यह मांग उठाई। उनका कहना है कि 2026 तक सभी देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम बनाने चाहिए, ताकि AI का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।

ग्लोबल कॉल फॉर AI रेड लाइन्स

इस मांग को आधिकारिक रूप से “ग्लोबल कॉल फॉर AI रेड लाइन्स” नाम दिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि AI का बेकाबू इस्तेमाल समाज के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया रेसा ने इसे पेश करते हुए कहा कि AI जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उससे मानवता को गंभीर खतरे हो सकते हैं। उन्होंने सभी सरकारों से एक वैश्विक समझौते की अपील की, जिसमें साफ हो कि AI का इस्तेमाल किन क्षेत्रों में किया जाएगा और किन क्षेत्रों में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाएगा।

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संभावित खतरे

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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते AI पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह बेरोजगारी बढ़ाने, मानवाधिकारों का उल्लंघन करने और यहां तक कि महामारी जैसी आपदाओं को जन्म दे सकता है। रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि AI के गलत इस्तेमाल की वजह से किशोरों में आत्महत्या जैसे मामले बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, AI का इस्तेमाल हथियार बनाने, झूठी खबरें फैलाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने में भी किया जा सकता है।

दिग्गजों का समर्थन

AI पर नियंत्रण की इस वैश्विक मुहिम का समर्थन करने वालों में जेफ्री हिंटन के अलावा कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें नोबेल पुरस्कार विजेता जेनिफर डाउडना, डैरन एसेमोग्लू और जियोर्जियो पारिसी के साथ-साथ मशहूर लेखक युवाल नोआ हरारी भी शामिल हैं। हरारी ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते नियम नहीं बनाए गए तो AI हमारी मानवता की जड़ों को कमजोर कर सकता है।

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