Bihari Dahi Chooda Recipe: इंदौरी पोहे के बाद ट्राई करें बिहारी दही चूड़ा, एक बार खाने पर दिन भर नहीं लगेगी भूख

Bihari Dahi Chooda Recipe:  बिहार में दही चूड़ा, जिसे चिवड़ा के नाम से भी जाना जाता है, एक पारंपरिक भारतीय नाश्ता है.

Bihari Dahi Chooda Recipe: इंदौरी पोहे के बाद ट्राई करें बिहारी दही चूड़ा, एक बार खाने पर दिन भर नहीं लगेगी भूख

Bihari Dahi Chooda Recipe:  बिहार में दही चूड़ा, जिसे चिवड़ा के नाम से भी जाना जाता है, एक पारंपरिक भारतीय नाश्ता है जिसे चपटे चावल (पोहा) और दही से बनाया जाता है। यह बिहार और झारखंड राज्यों में एक लोकप्रिय व्यंजन है।

चपटे चावल को पानी में भिगोया जाता है और फिर दही, चीनी और अन्य सामग्री के साथ मिलाकर एक मलाईदार और स्वादिष्ट व्यंजन बनाया जाता है। दही चूड़ा अक्सर त्योहारों और विशेष अवसरों पर खाया जाता है, लेकिन इसे हल्के और स्वस्थ नाश्ते के विकल्प के रूप में भी खाया जा सकता है।

आज हम आपको दही चूड़ा की रेसिपी बताएंगे कि आप कैसे घर पर इस पौष्टिक नाश्ते को तैयार कर सकते हैं।

बिहारी दही चूड़ा रेसिपी 

चूड़ा (पोहा) - 1 कप, दही - 2 कप, चीनी या गुड़ - स्वादानुसार, कटा हुआ केला - 1, कटा हुआ सेब - 1 (वैकल्पिक), अनार के दाने - 1/4 कप (वैकल्पिक), काजू, बादाम और किशमिश - 2-3 टेबलस्पून (वैकल्पिक), नमक - एक चुटकी, दूध - 1/2 कप (वैकल्पिक)

ऐसे करें तैयार 

सबसे पहले चूड़ा (पोहा) को अच्छे से धोकर 5-10 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। चूड़ा नरम हो जाने पर उसका पानी निकाल दें।

एक बड़े बर्तन में दही लें और उसमें थोड़ा सा पानी या दूध डालकर अच्छे से फेंट लें।

अब फेंटे हुए दही में भीगा हुआ चूड़ा डालें और अच्छी तरह से मिला लें।

इस मिश्रण में चीनी या गुड़ (जो भी आप पसंद करें) मिलाएं। आप चाहें तो दोनों का उपयोग भी कर सकते हैं।

कटा हुआ केला, सेब, अनार के दाने और अन्य ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम, किशमिश) मिलाएं। यह पूरी तरह से वैकल्पिक है, आप अपनी पसंद के अनुसार फ्रूट्स डाल सकते हैं।

अब इस मिश्रण में एक चुटकी नमक डालें और अच्छे से मिला लें।

दही चूड़ा को 10-15 मिनट के लिए फ्रिज में रखकर ठंडा करें। इसके बाद इसे परोसें।

नोट:

दही चूड़ा को आप अपने स्वाद के अनुसार मीठा या नमकीन बना सकते हैं।

गर्मी के दिनों में यह बहुत ही ताजगी देने वाला नाश्ता होता है।

यह पारंपरिक बिहार और उत्तर प्रदेश का व्यंजन है, जो विशेष रूप से मकर संक्रांति के अवसर पर बनाया जाता है।

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