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(Image/video source: @ahmermkhan)
वाशिंगटन। अफगानिस्तान पर इस वक्त पूरी तरह से तालिबान का कब्ज़ा है। तालिबानी लड़ाकों ने पिछले कुछ दिनों में देखते ही देखते पूरे मुल्क के ज्यादातर हिस्से पर अपना कब्ज़ा जमा लिया था। इसके साथ ही, रविवार को यह लड़ाके काबुल में घुसे और राष्ट्रपति पैलेस पर भी अपना अधिकार ले लिया। यानी अब अफगानिस्तान पर पूरी तरह से तालिबान का राज़ है, बस औपचारिक ऐलान और तालिबानी सरकार बनना बाकी है।
अफगानिस्तान में लगातार बिगड़ रहे हालात और फायरिंग के बाद यहां सोमवार को स्थिति और बिगड़ गई। हालांकि इस फायरिंग के बाद काबुल एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल पर अमरीका ने किया कब्जा, भारत की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुलाई आपात बैठक भी बुलाई गई है।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे और राष्ट्रपति अशरफ गनी के शासन के घुटने टेकने के बीच अमेरिका ने कहा है कि अपने नागरिकों, अपने मित्रों और सहयोगियों की अफगानिस्तान से सुरक्षित वापसी के लिए वह काबुल हवाईअड्डे पर 6,000 सैनिकों को तैनात करेगा।
विदेश विभाग और रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया, ‘‘फिलहाल हम हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की सुरक्षा के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं ताकि सैन्य और असैन्य विमानों के जरिए अमेरिकी लोग और उनके सहयोगी अफगानिस्तान से सुरक्षित निकल सकें।’’
इसमें कहा गया, ‘‘अगले 48 घंटों में, करीब 6000 सुरक्षाकर्मियों को वहां तैनात किया जाएगा। उनका मिशन लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने में मदद देना होगा और वे हवाई यातायात नियंत्रण को भी अपने कब्जे में लेंगे।’’
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