अडानी ग्रुप पर मंडरा रहे संकट के बादल: रिश्वतखोरी-धोखाधड़ी के आरोपों के बाद अडानी ग्रुप के शेयर गिरे

Adani Group Chairman Gautam Adani Adani Group Stocks Down Reason Update: अडानी समूह को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। दरअसल अमेरिकी अदालतों में उनके खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप दर्ज

अडानी ग्रुप पर मंडरा रहे संकट के बादल: रिश्वतखोरी-धोखाधड़ी के आरोपों के बाद अडानी ग्रुप के शेयर गिरे

Adani Group Shares Crash: अडानी समूह को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। दरअसल अमेरिकी अदालतों में उनके खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप दर्ज होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में अडानी समूह के शेयरों में तेजी से गिरावट आई है। ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में 20 फीसदी तक की गिरावट आई, जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई और बाजार में तनाव का माहौल बन गया।

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में 20% की गिरावट

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शेयर बाजार खुलते ही अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। सबसे ज्यादा गिरावट *अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस* के शेयरों में देखने को मिली, जो 20 फीसदी गिरकर 697.70 रुपए पर आ गया है और इस स्टॉक में लोअर सर्किट लग गया है। लोअर सर्किट का मतलब है कि यह स्टॉक इस गिरावट के बाद आगे कारोबार नहीं कर सकता है। यह निवेशकों के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि यह शेयर हाल ही में अच्छा प्रदर्शन कर रहा था।

अदानी एंटरप्राइजेज और अन्य बड़ी कंपनियों में भी गिरावट

अडानी ग्रुप की पेरेंट कंपनी, अदानी एंटरप्राइजेज के शेयर भी 10% गिरकर 2539 रुपये पर आ गए और लोअर सर्किट में चला गया। इसके अलावा अडानी पोर्ट्स के शेयर भी 10% गिरकर 1160 पर आ गया है। अंबुजा सीमेंट और अदानी पावर के शेयरों में भी 10% और 16 % की गिरावट आई, जो निवेशकों के लिए चिंता का एक और कारण है।

अडानी टोटल गैस और एसीसी में भी भारी गिरावट आई

अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में 18%  गिरावट आई है और ये गिरकर 1159 पर आ गया है, जबकि अडानी टोटल गैस का शेयर 14%  गिरकर 577 रुपये पर आ गया।  एसीसी के शेयरों में भी 10%  की गिरावट आई, जिससे यह 1966.55 पर कारोबार कर रहा है और इस शेयर में लोअर सर्किट भी लग गया। अडानी विल्मर के शेयर 8% गिर गए हैं।  इस गिरावट से निवेशकों में चिंता बढ़ गई है और अडानी ग्रुप की कंपनियों के भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

अमेरिकी आरोपों का भारतीय शेयर बाजार पर असर

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी पर अमेरिका में रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इन आरोपों के बाद निवेशकों ने अडानी ग्रुप के शेयरों से पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिससे इन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। अमेरिकी न्यायपालिका में चल रही जांच से भारतीय शेयर बाजार में दहशत फैल गई है, जिससे अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर काफी दबाव बन गया है।

निवेशकों में डर और भ्रम

अडानी ग्रुप के शेयरों में इस तरह की गिरावट से निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा हो गया है। कई निवेशकों को अपनी पूंजी खोने की चिंता सता रही है और वे सवाल कर रहे हैं कि क्या अडानी ग्रुप इस संकट से बाहर निकल पाएगा। यह स्थिति छोटे और मध्यम निवेशकों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि उनका अधिकांश निवेश समूह कंपनियों के शेयरों पर आधारित था।

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क्या कहते हैं एनालिटिक्स?

फाईनेनशियल एनालिटिक्स का मानना ​​है कि अगर अडानी ग्रुप के खिलाफ आरोपों की जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसके अलावा विदेशी निवेशकों का भरोसा भी डगमगा सकता है, जिससे इन कंपनियों के शेयरों में और गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अडानी समूह को इस समय अपनी रणनीति बदलने की जरूरत है, ताकि स्थिति और खराब न हो।

भारतीय शेयर बाज़ार पर असर

अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स *सेंसेक्स* और *निफ्टी* पर भी पड़ा है। इन दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट देखी गई है, क्योंकि अडानी ग्रुप के शेयर भारतीय बाजार का अहम हिस्सा हैं। इस गिरावट ने पूरे भारतीय बाजार को नकारात्मक दिशा में धकेल दिया है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एनालिटिक्स का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। जिन लोगों ने अडानी समूह के शेयरों में निवेश किया है, उन्हें अपनी स्थिति का रिव्यू करना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो अपने निवेश की सुरक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए। हालांकि लंबे समय के लिए निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को स्थिति की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए।

अडानी ग्रुप का भविष्य क्या है?

अडाणी ग्रुप के लिए यह संकट का समय है। अमेरिकी आरोपों के कारण समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई। हालांकि, अगर आरोपों की जांच में कोई ठोस आधार नहीं मिला तो समूह इस संकट से बाहर आ सकता है। लेकिन अगर आरोप सही साबित हुए तो अडानी ग्रुप को गंभीर कानूनी और वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है।

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