अडाणी समूह ने बैंकों से लिया कर्ज एनपीए बनने के आरोपों को खारिज किया

भारत ने 2015-20 के दौरान व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए: डब्ल्यूटीओ

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) अडाणी समूह ने शनिवार को बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने के आरोपों को खारिज कर दिया। समूह ने कहा कि उसे अस्तित्व में आए तीन दशक हो गए हैं और इस दौरान उसका रिकॉर्ड बेदाग रहा है और एक भी बैंक कर्ज गैर-निष्पादित आस्ति (एनपीए) नहीं बना है।

ट्विटर पर जारी बयान में समूह ने कहा कि उसने देश में बड़ी बुनियादी ढांचा संपत्तियों का निर्माण किया है और इसके लिए मजबूत कामकाज के संचालन तथा पूंजी प्रबंधन प्रक्रियाओं को अपनाया है।

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को अडाणी समूह के एनपीए के बारे ट्वीट किया था। स्वामी के ट्वीट पर अडाणी समूह ने कहा कि उसका रिकॉर्ड बेदाग है और तीन दशक में उसका एक भी कर्ज एनपीए नहीं हुआ है।

स्वामी ने ट्वीट किया, ‘अडाणी पर अब बैंकों का 4.5 लाख करोड़ रुपये का एनपीए है। यदि मैं गलत हूं तो उसे सुधारें। फिर भी 2016 से उनकी संपत्ति हर दो साल में दोगुना हो रही है। वह बैंकों के बकाये का भुगतान क्यों नहीं कर रहे? जैसे उन्होंने छह हवाईअड्डे खरीदे हैं वैसे ही वह उन बैंकों को भी खरीद लेंगे जिनका कर्ज बकाया है।

अडाणी ने शनिवार को ट्वीट में बताये गये आंकड़ों को ‘‘गलत और काल्पनिक’’ बताया।

भाषा अजय

अजय महाबीर

महाबीर

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article