अडाणी किसानों से अनाज नहीं खरीदती, कंपनी का ठेका खेती में जाने का भी कोई इरादा नहीं: अडाणी एग्री

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) नये कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठनों के जारी विरोध के बीच अडाणी समूह की कंपनी अडाणी एग्री लाजिस्टिक्स ने स्पष्ट किया है कि कंपनी न तो किसानों से सीधे अनाज खरीदती है, न ही कंपनी ठेका (कांट्रेक्ट) खेती का काम करती है और न ही भविष्य में कंपनी का ऐसा करने का इरादा है।

कंपनी ने एक बयान में विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुये कहा कि वह किसानों से कोई अनाज नहीं खरीदती बल्कि वह अनाज के भंडारण की सेवायें देती है। उसने अनाज भंडारण के लिये जो गोदाम (साइलो) बनाये हैं, वह परियोजना उसने 2005 में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की निविदा के तहत प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर हासिल की थी।

वर्ष 2005 में केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार सत्ता में थी। कृषि कानूनों के विरोध के बीच इस तरह के आरोप लगाये जा रहे हैं कि नये कृषि कानून उद्योगपतियों के फायदे के लिये लाये गये हैं। कहा जा रहा है कि इन उद्योगपतियों को पहले से ही जानकारी थी कि सरकार कृषि कानून लाने वाली है इसलिये उन्होंने कृषि क्षेत्र में कारोबार शुरू कर दिया।

इन सवालों के बीच अडाणी एग्री लॉजिस्टिक्स के उपाध्यक्ष पुनीत मेंहदीरत्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘कंपनी कोई ठेका खेती का काम नहीं करती है और न ही भविष्य में कंपनी का ऐसा कोई इरादा है। यह भी गलत आरोप लगाया जा रहा है कि कंपनी ठेका खेती के लिए पंजाब और हरियाणा में जमीन का अधिग्रहण कर रही है।’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘अदाणी एग्री लॉजिस्टिक्स मात्र अनाज के भंडारण एवं परिवहन का काम करती है, किसानों से सीधे अनाज खरीदने का काम नहीं करती है। भारत में कम से कम एक दर्जन ऐसी कंपनियाँ हैं जो अनाज के भंडारण या परिवहन का काम करती हैं। अदाणी एग्री लॉजिस्टिक्स उन एक दर्जन कंपनियों में से एक है।’’

मेंहदीरत्ता ने कहा, ‘‘हमारा काम सिर्फ आधुनिक और विश्वस्तरीय भंडारण एवं परिवहन संबंधी ढांचागत सुविधाएं तैयार करना और उसे चलाना है। इस काम के लिए हमें तयशुदा शुल्क के रूप में राशि मिलती है। और उस राशि को प्रतिस्पर्धी निविदा के तहत तय किया जाता है।’’

उल्लेखनीय है कि कंपनी के पंजाब के मोगा में स्थित कृषि गोदाम के बाहर हाल में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है।

गोदामों और अन्य ढांचागत सुविधा के बारे में मेंहदीरत्ता ने कहा, ‘‘कंपनी कृषि बुनियादी यादी ढांचा क्षेत्र में पिछले कई साल से काम कर रही है। अदाणी एग्री लॉजिस्टिक्स देश की पहली एकीकृत भंडारण और परिवहन परियोजना है। इसके लिये निविदा की प्रक्रिया सरकार ने 2005 में पूरी की थी। इसके तहत कंपनी ने विभिन्न राज्यों में सात जगहों पर अनाज भंडारण के लिये गोदाम और रेलवे तक अनाज पहुंचाने के लिये जरूरी ढांचागत सुविधा (रेलवे साइडिंग्स) तैयार की है।’’

उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिये अच्छी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है और अडाणी एग्री लाजिस्टिक्स खाद्यान्न भंडारण सुविधाओं का निर्माण पिछले 15 साल से कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

भाषा

रमण महाबीर

महाबीर

रमण

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password