/bansal-news/media/post_attachments/wp-content/uploads/2024/07/subhash-chandra-dubey.jpg)
लखनऊ। सोशल मीडियों पर इन दिनों आईपीएस, आईएएस अधिकारी अपनी कुछ विशेष कामों, व्यक्तिगत आदतों और वर्किंग के चलते सुर्खियां बटोर रहे हैं। एमपी में जहां भोपाल के नए एसीपी सचिन अतुलकर अपनी फिटनेस को लेकर पीएम से तारीफ हासिल कर चुके हैं। उनकी फिटनेस का हर कोई कायल है तो वहीं आजकल वाराणसी में एसीपी सुभाष चंद्र दुबे गंगाजल के अजय देवगन की स्टाइल में वर्किंग को लेकर चर्चाओं में हैं। कभी थाने में जाकर औचक निरीक्षण तो कभी लोगों की मदद इनकी वर्किंग शैली का एक हिस्सा है।
इन दिनों उनकी चर्चा का विषय एक चाय वाला बच्चा है। जी हां शहर में विजिट पर निकले एसीपी दुबे एक चाय वाले बच्चे की पढ़ाई की लेकर चर्चा बटोर रहे हैं। हुआ यूं कि शहर के शूलटंकेश्वर मंदिर क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते हुए जब उनके सामने अचानक एक चाय बेचने वाला बच्चा मिला। जिसके साथ हुई उसकी बात काफी चर्चाओं में है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
दरअसल जब ये हुआ यू कि शूलटंकेश्वर मंदिर क्षेत्र में पेट्रोलिंग करते हुए उनके पास एक बच्चे ने बड़े ही शालीनता से आकर चाय के लिए पूछा। तो वे अपने आप को रोक नहीं पाए। उसकी उम्र देखकर उन्होंने पूछा कि तुम केवल चाय ही बेचते हो, पढ़ते नहीं। तो उन्होंने सच बताने की बात कहते हुए स्कूल का नाम पूछा। बच्चे ने बड़ी ही ईमानदारी से बताया कि मैं महामना मालवीय इंटर कालेज बच्छाव में पढ़ता हूं। खाली समय में पिता की मदद करता हूं। इस बीच पिता भी पहुंच गए। सुभाष चंद्र दुबे ने पिता से पूछा कि क्या आप बेटे से दुकान पर काम कराते हैं तो उसने जवाब दिया - 'नहीं साहब, बेटा मेरे काम में सिर्फ सहयोग करता है। कि 13 साल की उम्र में चाय नहीं बेचना चाहिए, यह पढ़ाई का समय है।
आर्थिक मदद की बात कही—
सुभाष चंद्र दुबे ने पिता से बेटे से काम लेने की बात को गलत ठहराते हुए उसकी पढ़ाई पर जोर देने को कहा। उनके अनुसार अगर किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या आ रही है तो उन्हें बताएं। साथ ही उन्होंने 500 रुपए की राशि भी बच्चे को दी। पर पिता का कहना था कि साहब पैसे की दिक्कत नहीं है। मैं खुद चाहता हूं कि बेटा मेरा नाम रौशन करें।
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us