आकृति इकोसिटी का कटेगा बिजली कनेक्शन: 1 हजार घरों में अंधेरे का संकट, MP में ये नीति लागू करना चाहती है बिजली कंपनी

Aakriti Ecocity Electricity Crises: भोपाल की पॉश कॉलोनी आज जिस समस्या से जूझ रही, बिजली कंपनी की उसी नीति को पूरे प्रदेश में लागू की तैयारी

आकृति इकोसिटी का कटेगा बिजली कनेक्शन: 1 हजार घरों में अंधेरे का संकट, MP में ये नीति लागू करना चाहती है बिजली कंपनी

हाइलाइट्स

  • भोपाल की पॉश कॉलोनी उठा रही कॉमन कनेक्शन का खा​मियाजा
  • नियमित बिल देने के बाद भी बिजली कनेक्शन कटने की नौबत!
  • इसी नीति को पूरे मध्य प्रदेश में लागू करने की है योजना

Aakriti Ecocity Electricity Crises: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की पॉश कॉलोनी आकृति इको सिटी का बिजली कनेक्शन कट सकता है।

बिजली कंपनी (Electricity Distribution Company) ने लाखों की रिकवरी निकाली है। 5 मई तक जमा नहीं होने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा।

जिस व्यवस्था का खामियाजा इस सोसाइटी में रहने वाले एक हजार से अधिक परिवार भुगतने वाले हैं, उसे बिजली कंपनी पूरे प्रदेश में लागू करना चाह रही है

हाई प्रोफाइल लोगों की है ये सोसाइटी

बता दें कि भोपाल में आकृति इको सिटी (Aakriti Ecocity Electricity Crises) बावड़िया कला में स्थिति है। इस पॉश कॉलोनी में बड़े व्यापारी, नौकरशाह सहित हाई प्रोफाइल लोग रहते हैं।

आकृति इकोसिटी के अंतर्गत अस्टर, फ्लेमिंगो, ब्लू स्काई हाइराइज जैसे 8 अलग-अलग कैंपस हैं। जिनमें एक हजार से अधिक परिवार रहते हैं।

सोसाइटी में बिजली सप्लाई के ये व्यवस्था

आकृति इकोसिटी (Aakriti Ecocity Electricity Crises) में रहने वाले लोगों को बिजली कंपनी ने डायरेक्ट इंडिविजुअल यानी व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं दिये हैं।

बल्कि सोसाइटी को MS Aakriti Dwelling Pvt Ltd के नाम से सिंगल कनेक्शन दिया हुआ है। इस सिंगल कनेक्शन से सोसाइटी के फ्लैट और बंगलों में कनेक्शन दिये हुए हैं।

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इस व्यवस्था के लिए सोसाइटी में एक 33केवी का सबस्टेशन भी बनाया हुआ है।

MS Aakriti Dwelling Pvt Ltd की ओर से कांट्रेक्टर रहवासियों से हर महीने बिजली बिल वसूलता है और फिर बिजली कंपनी को एकमुश्त जमा करता है।

इसलिए लिया गया था ये कनेक्शन

वर्तमान में जो व्यवस्था है उसके अनुसार सोसाइटी चाहे तो सिंगल कनेक्शन लेकर खुद रहवासियों को बिजली सप्लाई दे सकती है।

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आकृति इको सिटी (Aakriti Ecocity Electricity Crises) में यही हुआ। उसकी वजह ये थी कि 33 केवी लाइन में बार-बार मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती नहीं होती है।

यही कारण है कि बिजली मेंटेनेंस और जरा सी आंधी में जब भोपाल के अन्य इलाकों में बिजली गुल होती है तब भी आकृति इको सिटी में बिजली नहीं जाती है।

दिक्कत कहां आ गई

सोसाइटी में 1 हजार से अधिक परिवार रहते हैं। इनमें से अधिकांश तो समय पर बिजली बिल दे देते हैं, लेकिन कई ऐसे भी हैं जो टाइम से बिल जमा नहीं करते।

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बिजली कंपनी के लिए ये 1 हजार कनेक्शन न होकर सिंगल कॉमन कनेक्शन है, इसलिए जब तक पूरा बिजली बिल जमा नहीं होता, वह पेनाल्टी लगाती जाती है।

यदि हर घर का अपना व्यक्तिगत कनेक्शन होता तो बिजली बिल जमा नहीं करने पर सिर्फ उस घर की बिजली कनेक्शन कटता, लेकिन यहां संकट (Aakriti Ecocity Electricity Crises) पूरे 1 हजार से अधिक घरों पर है।

बिल्डर पर भी लगे आरोप

ब्लू स्काई हाइराइज सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्णमूर्ति ने कहा कि रहवासी समय से अपना बिजली बिल जमा करते हैं। सब स्टेशन की व्यवस्था बिल्डर मेंटेन करता है।

यदि बिजली बिल जमा नहीं हुआ है तो एजी 8 वेंचर्स यानी आकृति बिल्डर (Aakriti Builder Bhopal) हेमंत सोनी को ये जमा करना चाहिए।

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फ्लेमिंगो में रहने वाले अतुल समाधिया ने तो इस पूरे मामले में बिल्डर और बिजली कंपनी की मिलीभगत बताई है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब 5 हजार रुपये बकाया होने पर कंपनी के लोग बिजली कनेक्शन काटने आ जाते हैं तो इतना बड़ा लाखों का ड्यू हो कैसे जाने दिया गया। हमें संदेह है कि इसमें दोनो को कोई अघोषित लाभ है।

90 लाख से अधिक की रिकवरी

बिजली कंपनी ने MS Aakriti Dwelling Pvt Ltd पर मार्च तक 72 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी निकाली है। इसी के आधार पर 5 मई को बिजली कनेक्शन काटने (Aakriti Ecocity Electricity Crises) की बात कही है।

हालांकि सोसाइटी पर बकाया बिल इससे भी अधिक है। सोसाइटी का अप्रैल तक का बिल 92 लाख 62 हजार रुपये से अधिक है। इनमें से 27 अप्रैल को सिर्फ 88 हजार 932 रुपये ही जमा हुए हैं।

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चूंकि सिंगल कनेक्शन पर ही इतनी बड़ी रिकवरी है, इसलिए यदि ये जमा नहीं होती है तो बिजली कंपनी आकृति इकोसिटी का कनेक्शन काट देगी।

जिसके कारण 41 डिग्री तापमान में भोपाल के बड़े व्यापारी और नौकरशाहों के घरों के बिजली गुल हो जाएगी।

यहां फंसा है पेंच

33केवी की लाइन टेकओवर करने का बिजली कंपनी में नियम नहीं है। यदि आकृति इकोसिटी के घर-घर में कंपनी को डायरेक्ट बिजली सप्लाई देना है तो उसे नये सिरे से 11केवी की लाइन बिछाना होगी।

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जिसमें 5 करोड़ तक का खर्चा आएगा। मतलब ये कि यदि रहवासी बिजली कंपनी से सीधे कनेक्शन चाहते हैं तो उन्हें हर कनेक्शन के लिए 50 से 80 हजार रुपये तक देने पड़ सकते हैं।

जबकि घर लेते समय वह बिजली कनेक्शन के नाम पर ये राशि पहले ही बिल्डर को दे चुके हैं।

रहवासियों के पास अब क्या बचा है विकल्प

विद्युत विनियामक आयोग (MP Electricity Regulatory Commission) के चेयरमेन से रहवासी कैंपस के अध्यक्षों का प्रतिनिधि मंडल मिल चुका है, लेकिन रिकवरी एमाउंट लाखों में होने से वहां बात नहीं बन सकी है।

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हालांकि बिजली कंपनी की ओर से बिल जमा करने के लिए 5 दिन की मोहलत दी गई है। ऐसे में अब रहवासियों के पास ये ही विकल्प बचते हैं...

1. विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक से मुलाकात कर इसके लिए बीच का रास्ता निकालने का अनुरोध करें, लेकिन इसके लिए भी पहले रिकवरी का कुछ एमाउंट तो जमा करना होगा, जो लाखों में होगा।
2. सरकार से अनुरोध करें कि कंपनी के नियम में बदलाव करें ताकि 33केवी की लाइन बिजली कंपनी सीधे टेकओवर कर ले। हालांकि आचार संहिता लागू होने के कारण ये फिलहाल तो संभव नहीं है।
3. फिलहाल बिजली कंपनी को आवेदन के साथ हर नए कनेक्शन के लिए 50 से 80 हजार रुपये जमा कर दे, ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो जाए। बिल्डर से पैसा लेने के लिए अलग से कानूनी लड़ाई लड़े।

रहवासियों की मीटिंग में ये फैसला

इस समस्या को लेकर 30 अप्रैल, मंगलवार सुबह 10 बजे से आकृति इको सिटी के अंतर्गत आने वाले ब्लू स्काई हाइराइज कैंपस में सभी कैंपस के रहवासियों के प्रतिनिधियों की एक बैठक हुई।

जिसमें निर्णय लिया गया कि अब सोसाइटी के सबस्टेशन पर जाकर कोई भी रहवासी बिल्डर द्वारा नियुक्त कांट्रेक्टर को बिजली बिल जमा नहीं करेगा।

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सभी रहवासी अपने-अपने कैंपस का बिजली बिल (Aakriti Ecocity Electricity Crises) जमा कर उसे एक कॉमन खाते में चेक या आनलाइन माध्यम से जमा कर रसीद लेंगे।

सभी कैंपस से बिजली बिल आ जाने के बाद उसे कंपनी में जमा कर दिया जाएगा।

सड़क पर उतरने की दी चेतावनी

आकृति इको सिटी का प्रतिनिधि मंडल इस समस्या (Aakriti Ecocity Electricity Crises) से छुटकारा पाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है।

लेकिन बावजूद इसके यदि बिजली कनेक्शन काटा जाता है तो रहवासियों ने आंदोलन की तैयारी कर ली है।

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समय पर बिल भरने के बाद भी भीषण गर्मी में बिजली कनेक्शन पर आए संकट को लेकर रहवासियों में खासी नाराजगी है।

रहवासियों ने कहा कि यदि कंपनी के लोग कनेक्शन काटने आते हैं तो हम सड़क पर प्रदर्शन कर चक्काजाम करने को मजबूर हो जाएंगे।

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इसी नीति को पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयार

आकृति इको सिटी के रहवासी जिस व्यवस्था का खामियाजा भुगत रहे हैं, बिजली कंपनी (Electricity Rate Hike) उस नीति को पूरे प्रदेश में लागू करना चाहती है।

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इसके लिए इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड में चेंज कर एक प्रस्ताव लाया गया था। इसमें 12 अप्रैल तक आपत्तियां बुलाकर 16 अप्रैल को इन पर सुनवाई भी हो चुकी है।

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बिजली कंपनी की ये है मंशा

बिजली बिल (Electricity Rate Hike) में खपत के आधार पर कई सारे टैक्स जुड़े होते हैं। सोसाइटी में सिंगल कनेक्शन देने पर उस मीटर पर खपत कई गुना बढ़ जाएगी।

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जिससे बिजली कंपनी को टैक्स बढ़कर मिलेगा। वहीं मेंटेनेंस को छोड़कर सारी जिम्मेदारी सोसाइटी की होने से बिजली कंपनी के खर्चों में भी कमी आ जाएगी। इससे कंपनी को फायदा होगा।

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