Aaj Ka Mudda: तू डाल-डाल, मैं पात-पात! किसान-महिला-युवा पर खास नजर, शाह ने दी 'मोदी की गारंटी'

Aaj Ka Mudda: छत्तीसगढ़ की राजनीति, तू डाल-डाल मैं पात-पात नजर आ रही है, यानी इधर कांग्रेस गारंटियों का एलान ही कर पाई थी...

Aaj Ka Mudda: तू डाल-डाल, मैं पात-पात! किसान-महिला-युवा पर खास नजर, शाह ने दी 'मोदी की गारंटी'

Aaj Ka Mudda: छत्तीसगढ़ की राजनीति, तू डाल-डाल मैं पात-पात नजर आ रही है, यानी इधर कांग्रेस गारंटियों का एलान ही कर पाई थी कि बीजेपी ने अमित शाह की मौजूदगी में संकल्प पत्र जारी कर दिया। बीजेपी के घोषणा पत्र में जनता से क्या वादे हैं और इस पर क्या कुछ सियासत नजर आ रही है, इस रिपोर्ट में देखिए।

अमित शाह ने जनता से किये वादे

बीजेपी ने बनाया है, बीजेपी ही संवारेगी। इस नारे के साथ भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ की जनता के लिए घोषणा पत्र जारी किया। किसान, आदिवासी, मजदूर, महिलाएं, युवा और गरीबों के लिए बीजेपी ने मोदी की गारंटी दी जिनमें:

◼️ 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी

◼️ 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी

◼️ एकमुश्त होगा राशि का भुगतान

◼️ 500 रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर

◼️ महिलाओं को 12 हजार रुपए सालाना

◼️ अयोध्या रामलला मंदिर दर्शन योजना

◼️ 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज

◼️ एक लाख पदों पर सरकारी भर्ती

◼️ युवा उद्यमियों को 50 प्रतिशत सब्सिडी

◼️ राजधानी रायपुर में इनोवेशन सेंटर

◼️ IIT, AIIMS की तर्ज पर CIT, CIMS

◼️ तेंदूपत्ता संग्रहण 5500 रुपए प्रति मानक बोरा

◼️ बीपीएल बालिका के जन्म पर डेढ़ लाख रुपए

◼️ चरण पदुका योजना फिर शुरू करने का वादा

◼️ भर्ती घोटाले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई

- जैसी कई घोषणाएं शामिल थीं। बीजेपी की तैयारी किस दर्जे की थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद अमित शाह ने ये घोषणाएं की।

गारंटियों से चुनावी की बिसात

बीजेपी यहां भी नहीं रुकी, प्रदेश के साथ सरगुजा और बस्तर संभाग को लेकर अपना खास फोकस बता दिया। तो इधर बीजेपी के दिग्गज संकल्प पत्र को विकास की गारंटी बताते नहीं थके।

जाहिर है कि बीजेपी ने जो गारंटियां दीं, लगभग वैसे ही गारंटियां कांग्रेस भी दे चुकी है। लिहाजा कांग्रेस ने इसे नकल पत्र बता रही है, तो सीएम भूपेश ने उसे फ्लॉप बता दिया।

बीजेपी के संकल्प पत्र के शोर के साथ ही कांग्रेस की तैयारी जोरों पर है। अब देखना होगा बीजेपी के काउंटर में कांग्रेस किस तरह से चौंकाती है, क्योंकि घोषणा पत्र ही बीते चुनाव में गेमचेंजर साबित हुआ था।

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