MP AaJ Ka Mudda: हर बार EVM पर क्यों फूटता है हार का ठीकरा?

मध्यप्रदेश में करारी हार के बाद कांग्रेस फिर EVM हैक होने का गाना गा रही है, लेकिन कांग्रेस के अंदर ही इसको लेकर दो सुर सुनाई दे रहे हैं।

MP AaJ Ka Mudda: हर बार EVM पर क्यों फूटता है हार का ठीकरा?

MP AaJ Ka Mudda:  एग्जिट पोल तो माहौल बनाने के लिए था। जिसको पहले से परिणाम पता था, उसने एग्जिट पोल किया है ये कहना है पूर्व सीएम कमलनाथ का।

वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय ने कहा, ‘’ EVM पर तो मुझे 2003 से भरोसा नहीं है, मूलबात ये है कि इस मशीन में चिप लगी है, जिसे हैक होने की संभावना रहती है।‘’

पीसीसी चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का इस तरह EVM पर ठीकरा फोड़ना, खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे मुहावरे की याद दिलाता है। हर बार हार के बाद कांग्रेस का EVM राग कई बार खुद पर सवाल खड़े करने जैसा दिखाई देता है।

मध्यप्रदेश में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस फिर EVM हैक होने का गाना गा रही है, लेकिन कांग्रेस के अंदर ही इसको लेकर दो सुर सुनाई दे रहे हैं।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा, नौजवान, किसान, मजदूर और पढ़े लिखे बच्‍चे और इसके अलावा व्‍यापारी सभी परेशान हैं। लेकिन EVM में मोदी और अमित शाह के इशारों पर कांग्रेस पार्टी की सरकारें हराई हैं।

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इधर, पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा, ‘’मैं EVM की गलती नहीं मानता, क्‍योंकि हमारे लोग भी जीते हैं। मैं भी कुछ पोलिंग बूथों पर जीता हूं, यह नहीं कह सकता कि सभी पर जीता हूं, मैं तो ये बता रहा हूं कि काला धन बहुत ज्‍या यूज किया गया है।‘’

बीजेपी ने किया पलटवार

कांग्रेस के EVM राग पर सीएम शिवराज और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार किया है। शिवराज सिंह ने कहा कि अगर ऐसा होता तो छिंदवाड़ा भी जीत जाते। वहीं वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अस्तित्व खो चुकी है।

शिवराज सिंह चौहान, सीएम कहा कि बोतो हमेशा रोते हैं, चुनाव के बाद यही करते हैं, EVM का दोष है, तो छिंदबाड़ा में 7 सीटें कैसे जीत गए।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, ‘’वे केवल झूठ ही बोल सकते हैं और इसी प्रकार के आरोप लगा सकते हैं कि हार का ठीकरा कहां फोढना है।

EVM को बीजेपी भी ठहरा चुकी है जिम्मेदार

बीजेपी अभी जरूर EVM के इस्तेमाल का समर्थन कर रही है, लेकिन 2009 में लोकसभा चुनाव के बाद EVM का विरोध सबसे पहले बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने किया था।

2010 में बीजेपी के तत्कालीन प्रवक्ता और चुनावी मामलों के स्पेशलिस्ट जीवीएल नरसिम्हा राव ने डेमोक्रेसी एट रिस्क, कैन वी ट्रस्ट ऑर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन? नाम की किताब लिखी थी। मतलब साफ है कि हार के बाद EVM राजनैतिक दलों के लिए पंचिंग बैग का काम करती है।

फिलहाल हार से उपजी निराशा में कांग्रेस भी EVM पर पंच मार रही है, जबकि उसको जरूरत है अपना मूल्यांकन करने नए सिरे से शुरुआत करने की।

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