Aadhaar-Voter ID Link Bill: वोटर आईडी कार्ड को आधार से जोड़ने वाला बिल राज्यसभा में भी पास, जानिए कानून बनने के बाद क्या बदलेगा?

Aadhaar-Voter ID Link Bill

Aadhaar-Voter ID Link Bill: लोकसभा के बाद मंगलवार को राज्यसभा में भी वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने वाला बिल पास कर दिया गया है। इस दौरान सरकार ने बताया कि मतदाता सूची में दोहराव और फर्जी मतदान रोकने के लिए मतदान कार्ड को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। यही नहीं मतदाता सूची को भी आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। बता दें कि पिछले बुधवार को ही केंद्रिय कैबिनेट ने इन बदलावों को मंजूरी दे दी थी।

विपक्ष इस बिल का कर रहा है विरोध

अब इस बिल को कानून का रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में सभी लोगों को अपना वोटर कार्ड आधार से लिंक करना ही होगा। हालांकि विपक्ष लगातार इस बिल का विरोध कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि यह बिल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है। बतादें कि चुनाव आयोग 2015 से ही वोटर आईडी को आधार से लिंक करने की मांग कर रहा है।

चुनाव आयोग भी चाहता है कि आधार से लिंक हो वोटर कार्ड

आयोग ने आधार को मतदाता पहचान संख्या से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय चुनाव कानून शुद्धिकरण और प्रामाणीकरण कार्यक्रम को शुरू भी किया था। लेकिन तब इस अभियान को रोक दिया गया था। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार का उपयोग वैकल्पिक रहेगा। ऐसे में चुनाव आयोग को भी वोटर आईडी कार्ड को लिकिंक करने के लिए वैकल्पिक ही रखना पड़ा था। यानि जो लोग चाहते हैं कि उनका वोटर आईडी कार्ड आधार से लिंक हो तो वे कर सकते हैं अन्यथा उनपर दवाब नहीं डाला जाएगा।

इसलिए कानून बनाना चाहती है सरकार

हालांकि अब सरकार कानून बना कर चाहती है कि वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक किया जाए। वहीं विपक्ष का कहना है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने ये कह दिया है कि आधार का वैकल्पिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए तो फिर ऐसे में ये कानून SC के फैसले का उल्लंघन है।

लिंक करने से क्या होगा बदलाव

जैसा कि मैंने आपको पहले ही बताया कि अगर आप वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करते हैं तो आप किसी भी कीमत पर दो वोटर आईडी कार्ड नहीं रख पाएंगे। क्योंकि आपका डाटा सरकार के पास रहेगा और आप फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनवाने जाते ही पकड़े जाएंगे।

वोटर आईडी कार्ड को लेकर क्या है मौजूदा नियम

मौजूदा समय में देश के दो इलाके में वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराना गैरकानूनी है। अगर चुनाव आयोग को इस बात की जानकारी मिलती है तो वो पहले जिला स्तर पर व्यक्ति के नाम का सत्यापन कराता है। अगर आरोप साबित हो जाता है तो फिर उसे नोटिस भेजा जाता है। नोटस में कहा जाता है कि आप अपना एक जगह से नाम हटा दें। अलग आप एक तय अवधि में ऐसा नहीं करते हैं तो फिर आपके खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

वर्तमान में भी आप वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करा सकते हैं

अगर आप अपने वोटर आईडी को आधार से लिंक करना चाहते हैं , तो आप चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर उसे लिंक कर सकते हैं। साथ ही आप इसे एसएमएस और फोनकॉल के जरिए भी इसे लिंक कर सकते हैं।

कैसे करें लिंक-

लिंक करने के लिए सबसे पहले आपको चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voterportal.eci.gov.in/ पर जाना होगा।

-इसके बाद आप अपने मोबाइल नंबर/ ईमेल आईडी/ वोटर आईडी नंबर का इस्तेमाल कर इसे लॉगिन कर सकते हैं।

लॉगिन होने के बाद राज्य, जिला और पर्सनल डिटेल दर्ज करें और सर्च बटन पर क्लिक करें।

डेटाबेस से नाम, पता आदि मेल खाने के बाद डिटेल स्क्रीन पर दिखाई देगा।

इसके बाद आपको ‘Feed Aadhaar No’ ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।

यहां आपको अपना आधार कार्ड, आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर , रिजस्टर्ड मोबाइल नंबर और रजिस्टर्ड ईमेल पता भरना होगा।

इन चीजों को भरने के बाद ‘Submit’ बटन को दबा दें। आपका वोटर आईडी आधार से लिंक हो जाएगा

Koo App

सरकारी योजनाओं को आधार कार्ड से जोड़ने की नीति लागू कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 2.67 लाख करोड़ रुपये की बचत की। राजीव गांधी की सरकार के समय ये पैसे बिचौलियों की जेब में जाते थे। आधार-संबद्ध करने से राशन वितरण, गैस कनेक्शन, मनरेगा और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं से लाभुकों के बोगस और ड्यूप्लिकेट नाम हटाये जा सके।

Sushil Kumar Modi (@sushilmodi) 20 Dec 2021

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