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भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशस का रूप दिया गया हैं। रानी कमलापति के बाद अब भोपाल स्टेशन को सुंदर और आकर्षित बनाने की तैयारी की जाने लगी है। इसी कड़ी में भोपाल स्टेशन के 6 नंबर प्लेटफॉर्म पर एक हेरिटेज पॉइंट बनाया जा रहा है। जिसमें करीब 150 साल पुराने नैरोगेज की हेरिटेज ट्रेन का इंजन और कोच रखा जाएगा। नैरोगेज ट्रेन करीब 7 साल पहले बंद कर दी गई थी। यह कोच छोटी लाइन पर चला करते थे।
भोपाल रेलवे का क्या मकसद
नैरोगेज ट्रेन के कोच को रखने का भोपाल रेलवे का मकसद आज की युवा पीढ़ी को रेलवे की विरासत के बारे में बताया है। भोपाल स्टेशन के 6 नंबर प्लेटफॉर्म के बाहर नैरोगेज ट्रेन के एक कोच को रखा गया है। जिसका रंगरोगन किया जा रहा है। यह कोच रेलवे जंक्शन नैनपुर से लाया गया है। नैरोगेज कोच को लेकर भोपाल रेल मंडल के पीआरओ का कहना है कि पहले इन ट्रेनों को छुक-छुक ट्रेन कहकर पुकारा जाता था। ऐसी ट्रेन के कोच छोटी लाइनों पर चलते थे। लेकिन करीब 7 साल पहले इन कोचों का उपयोग बंद हो गया है। मध्यप्रदेश में नैरोगेज लाइनों को 1 अक्टूबर 2015 से बंद कर दिया गया था। छोटी लाइने मध्यप्रदेश के ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और नैनपुर में चलती थी।
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