Jeeja Bai Mandir: माता का एक ऐसा मंदिर जहां मन्नत पूरी होने पर चढ़ाई जाती है चप्पल

Jeeja Bai Mandir: माता का एक ऐसा मंदिर जहां मन्नत पूरी होने पर चढ़ाई जाती है चप्पल A temple of Mata where slippers are offered on fulfillment of vow SM

Jeeja Bai Mandir: माता का एक ऐसा मंदिर जहां मन्नत पूरी होने पर चढ़ाई जाती है चप्पल

भोपाल। हमारे देश में देवी मां को कई रूपों में पूजा जाता है। उन सभी रूपों में माता मानकर ही भक्त उनकी पूजा करते हैं ।देवी मां के भक्त माता को श्रद्धा भाव से चुनरी, श्रृंगार का सामान आदि चढ़ाते हैं। ऐसा भारत के हर कोने में होता है। यदि हम आपको बताएं कि देवी मां का एक मंदिर ऐसा भी है जहां उनको चप्पल चढ़ाई जाती है तो आपको आश्चर्य ही होगा।

जी हां आज हम आपको ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां देवी मां की पूजा बेटी के रूप में की जाती है ।देवी मां का यह मंदिर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में स्थित है इस मंदिर को जीजाबाई के नाम से जाना जाता है ।माता को बेटी के रूप में यहां पूजा जाता है और जब भी भक्तों की मन्नत पूरी होती है तो उन्हें सैंडल और चप्पल चढ़ाई जाती हैं।

देवी मां का यह मंदिर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में स्थित है इस मंदिर को जीजाबाई के नाम से जाना जाता है ।माता को बेटी के रूप में यहां पूजा जाता है और जब भी भक्तों की मन्नत पूरी होती है तो उन्हें सैंडल और चप्पल चढ़ाई जाती हैं।

मंदिर तक पहुंचने से पहले करीब 300 सीढ़िया चढ़कर जाना होता है।पहाड़ी पर जीजाबाई मंदिर के साथ देवी के नौ रूपों को यहां विराजमान किया गया है ।साथ ही 12 ज्योतिर्लिंग भी यहां पर है ।

मंदिर की स्थापना करने वाले ओम प्रकाश महाराज के अनुसार वे इस मंदिर की स्थापना से पहले शिव पार्वती का विवाह कराएं थे। विवाह में उन्होनें पार्वती जी को खुद कन्यादान दिया था। इसलिए पंडित ओम प्रकाश जी महाराज बेटी मानकर पूजा करते हैं। बारिश के मौसम से पहले छाता ,स्कूल शुरू होते है तब स्कूल ड्रेस पानी की वॉटल भी चडाई जाती है। माता को जिस भी चीज़ के आवश्यकता होती है उसका आभास ओम प्रकाश महाराज को हो जाता है। जिसके बाद माता को उसका चढ़ावा चढ़ा दिया जाता है।

इस मंदिर में पूरे साल समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान का कार्यक्रम चलता रहता है. मंदिर में माता रानी को हर रोज नई नई पोशाक पहनाई जाती है. नवरात्र के अवसर पर यहां हर रोज हज़ारों श्रद्धालु पहुंचते है।

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