प्रदेश के 17 लाख किसानों को तगड़ा झटका, गेहूं खरीदी से पहले ग्रेडिंग मशीन से होगी क्वालिटी चेक, चार्ज भी लगेगा

प्रदेश के 17 लाख किसानों को तगड़ा झटका, गेहूं खरीदी से पहले ग्रेडिंग मशीन से होगी क्वालिटी चेक, चार्ज भी लगेगा A big blow to 17 lakh farmers of the state, quality check will be done by grading machine before wheat purchase, charge will also be taken

प्रदेश के 17 लाख किसानों को तगड़ा झटका, गेहूं खरीदी से पहले ग्रेडिंग मशीन से होगी क्वालिटी चेक, चार्ज भी लगेगा

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने से पहले इस बार छन्ना लगाकर यानि की ग्रेडिंग मशीन से गेहूं की जांच कराएगी। इसके लिए किसानों को 20 रुपए प्रति क्विंटल तक का चार्ज भी देना होगा। जिसके चलते अगर कोई किसान सरकारी गेहूं खरीदी केंद्र पर 100 क्विंटल गेहूं लेकर जाता है तो उसे इस क्वालिटी चेकिंग के लगभग 2 हजार रूपए अलग से देने होंगे।

3 हजार 500 खरीदी केंद्रों पर यह व्यवस्था राज्य सरकार पहली बार अनिवार्य करने वाली है। सरकार इस बार 17 लाख किसानों से 128 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदेगी। खाद्य सिविल आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संचालक दीपक सक्सेना के मुताबिक नागरिक आपूर्ति निगम ग्रेडिंग मशीनें लगाने के लिए बड़े जिलों के लिए टेंडर जारी कर रहा है। टेंडर में सरकार द्वारा 20 रुपए का अधिकतम मूल्य तय किया गया है। यदि कोई व्यक्ति 20 रुपए से कम पर टेंडर भरता है तो उतनी रकम क्वालिटी चेकिंग के वक्त किसान से प्रति क्विंटल लेंगे।

कचरा—मिट्‌टी से मिलेगी मुक्ति

अधिकारियों के मुताबिक खरीदी केंद्रों पर पहले भी छन्ना लगाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन उस वक्त ये अनिवार्य नहीं था। पहले किसी के गेहूं की ग्रेडिंग तब की जाती थी, जब अधिकारियों को लगता था कि गेहूं में कचरा, मिट्‌टी है।

वहीं जब ये खराब गेहूं पीडीएस दुकानों पर पहुंचते थे, तो कई बार विवाद की स्थिति तक बन जाती थी। इसलिए तय किया गया है कि खरीदी केंद्रों पर ही ग्रेडिंग और सफाई का काम होगा। इस काम के लिए टेंडर निकाले गए हैं। वहीं गेहूं की ग्रेडिंग और सफाई के लिए किसानों को राशि देना पड़ेगी।

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