Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपी बनाए गए आबकारी विभाग के अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने 6 पूर्व आबकारी अफसरों समेत 28 अधिकारियों को शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी।
वहीं इसी मामले में आज ACB/EOW ने ओम साई बेवरेज कंपनी के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को भी रायपुर (Raipur) की विशेष अदालत में पेश किया।
EOW (Economic Offence Wing) ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि राज्य में 3200 करोड़ रुपए से अधिक का शराब घोटाला हुआ है। पहले इस घोटाले की राशि 2100 करोड़ मानी जा रही थी, लेकिन नई जांच में यह आंकड़ा बढ़कर 3200 करोड़ तक पहुंच गया है।
बी-पार्ट शराब घोटाले का सच
वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य के 15 जिलों में पदस्थ आबकारी अफसरों ने “बी-पार्ट शराब” नाम से अवैध धंधा चलाया। इसमें बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब को शासकीय दुकानों में वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था।
इस नेटवर्क में डिस्टलरी मालिक, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, विभागीय अधिकारी और मैन पावर एजेंसी के कर्मचारी तक शामिल थे।
आरोपियों की सूची
EOW ने अपनी चार्जशीट में 29 अफसरों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 7 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आरोपियों में जनार्दन कौरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन शर्मा, अरविंद पाटले, प्रमोद नेताम, रामकृष्ण मिश्रा, नितिन खंडुजा, नीतू नोतानी ठाकुर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
घोटाले का पैमाना
जांच एजेंसियों के अनुसार, लगभग 60 लाख से अधिक पेटियां “बी-पार्ट शराब” के रूप में बेची गईं। इनकी कीमत करीब 2174 करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि पूरे घोटाले की रकम 3200 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।
जेल में कई बड़े नाम
इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर समेत 15 लोग पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। अब तक कुल 70 लोगों पर आरोप तय किए जा चुके हैं।
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ओम साई बेवरेज कंपनी के 2 डायरेक्टर स्पेशल कोर्ट में पेश
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला (Liquor Scam) मामले में आज एक बड़ा अपडेट भी सामने आया है। एसीबी/ईओडब्ल्यू (ACB/EOW) ने ओम साई बेवरेज कंपनी (Om Sai Beverages Company) के डायरेक्टर अतुल सिंह (Atul Singh) और मुकेश मनचंदा (Mukesh Manchanda) को रायपुर (Raipur) की विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को 6 सितंबर तक ईओडब्ल्यू (EOW) की रिमांड पर सौंप दिया है।
प्रोडक्शन वारंट पर लाई गई टीम
जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपी पहले झारखंड (Jharkhand) की जेल में बंद थे। ईओडब्ल्यू (EOW) की टीम ने गुरुवार को प्रोडक्शन वारंट (Production Warrant) पर उन्हें रायपुर लाने की कार्रवाई की थी।
शुक्रवार को दोनों को विशेष न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद अब ईओडब्ल्यू की टीम उनसे गहन पूछताछ करने जा रही है।
पुराने रिश्तों की पड़ताल
अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा का नाम इस घोटाले में इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि दोनों के छत्तीसगढ़ शराब घोटाले (Chhattisgarh Liquor Scam) के मुख्य आरोपियों से पुराने संबंध रहे हैं।
जांच एजेंसी का मानना है कि ओम साई बेवरेज कंपनी के डायरेक्टर रहते हुए इनका कनेक्शन घोटाले की पूरी सप्लाई चेन और पैसों के लेन-देन से हो सकता है। यही वजह है कि एजेंसी अब इनसे लंबे समय तक पूछताछ करेगी।
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FAQ
Q. छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की कुल राशि कितनी है?
EOW की जांच के मुताबिक घोटाला 3200 करोड़ रुपए से अधिक का है।
Q. “बी-पार्ट शराब” क्या है?
यह बिना ड्यूटी चुकाई गई अवैध देसी शराब थी, जिसे शासकीय दुकानों में समानांतर बेचा जाता था।
Q. कितने अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है?
कुल 28 आबकारी अफसरों को अग्रिम जमानत मिली है।
Q. इस मामले में कितने लोग जेल में हैं?
पूर्व मंत्री कवासी लखमा, चैतन्य बघेल और अनवर ढेबर समेत 15 लोग जेल में हैं।
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