MP Sehore Pandit Pradeep Mishra Kubreshwar Dham Kanwar Yatra Case: सीहोर जिले में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम आयोजित कार्यक्रम में भगदड़ के दौरान हुई श्रद्धालुओं की मौत के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. कुबेरेश्वर धाम कांवड़ यात्रा और रुद्राक्ष वितरण के दौरान हुए मौतों का दोष उन्होंने प्रशासन पर मढ़ दिया है.
आपको बता दें इस मामले में आयोजन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस घटना के बाद प्रदेश का राजनीतिक तापमान भी चढ़ने लगा है। अब बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के विधायकों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए इसकी गहन जांच की मांग की है।
साथ ही पूर्व मंत्री ने पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अब 2 दिन में हुई 5 मौतों के बाद एमपी सरकार ने घटना की न्यायिक जांच कराने की बात कही है, ताकि असली जिम्मेदारों की पहचान की जा सके।
सीहोर कलेक्टर और एसपी को नोटिस
इस बीच, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने भी घटना पर संज्ञान लेते हुए सीहोर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट पूछा है कि:
- भीड़ नियंत्रण के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?
- घायल श्रद्धालुओं को कब और कैसी चिकित्सकीय सहायता दी गई?
- मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की क्या प्रक्रिया अपनाई गई?
आयोग ने 15 दिनों के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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— Bansal News Digital (@BansalNews_) August 7, 2025
रुद्राक्ष वितरण को लेकर उठे विरोध के स्वर
कुबेरेश्वर धाम में 2 दिन में हुए अलग-अलग हादसों से श्रद्धालुओं की मौत पर हंगामा बढ़ते जा रहा है। कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ की घटना के बाद कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आयोजनों को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। विशेष रूप से रुद्राक्ष वितरण को लेकर विपक्ष ही नहीं, सत्तापक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने भी चिंता जाहिर की है। धाम में हुई 5 श्रद्धालुओं की मौत पर बीजेपी और कांग्रेस के विधायकों ने सवाल उठाए हैं।
पूर्व मंत्री कुसुम महदेले की दो टूक सलाह
पूर्व मंत्री कुसुम महदेले ने पंडित प्रदीप मिश्रा से रुद्राक्ष वितरण बंद करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस तरह की अव्यवस्थित भीड़ में पवित्र प्रतीक रुद्राक्ष का वितरण जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने सरकार से भी इस पर रोक लगाने और आयोजन की जवाबदेही तय करने की मांग की है। इतना ही नहीं उन्होंने सरकार से पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग है।
राजस्व मंत्री ने की न्यायिक जांच की मांग
प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कुबेरेश्वर धाम की घटना पर दुख जताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों की मौजूदगी में इस तरह की घटना की पूरी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। वहीं अब मामले में सरकार ने जांच की बात कही है।
आप कथा करो, रुद्राक्ष मत बांटो…
खंडवा से बीजेपी विधायक कंचन तन्वे ने भी रुद्राक्ष वितरण पर सवाल उठाते हुए कहा “प्रदीप मिश्रा जी से आग्रह है कि वे कथा करें, पर रुद्राक्ष बांटना बंद करें। इससे कई बार भीड़ बेकाबू हो जाती है और लोगों की जान पर बन आती है। धर्म का उद्देश्य ज्ञान देना है, लोग कथा सुनें, लोगों को और आने वाली पीढ़ी को ज्ञान मिले। अव्यवस्था ना फैले।
कांग्रेस विधायक ने बताया धार्मिक आडंबर
अमरपाटन से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि वे पूर्व मंत्री महदेले के विचारों से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने कहा- “धर्म दिखावा नहीं, जीवन को सन्मार्ग पर चलाने की प्रेरणा है। धर्मगुरुओं को समाज को अच्छा इंसान बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि भीड़भाड़ से जान जोखिम में डालनी चाहिए।”
अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत, प्रशासन पर उठे सवाल
बता दें कि सीहोर जिले में बुधवार को पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा कांवड़ यात्रा निकाली गई थी, यह यात्रा सीहोर की सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर की निकाली गई। इस बड़े आयोजन में अव्यवस्था और भगदड़ के चलते अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि चार से अधिक लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस यात्रा में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी।
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मंगलवार को भगदड़, बुधवार-गुरुवार को भी मौतें
कांवड़ यात्रा से एक दिन पहले, मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद बुधवार और गुरुवार को अलग-अलग कारणों से पांच अन्य श्रद्धालुओं की मौत की खबर सामने आई है। मृतकों में शामिल एक व्यक्ति की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। मरीज अनिल अस्थमा का मरीज था।
प्रशासन ने DJ संचालकों पर कसा शिकंजा
अव्यवस्था के बाद प्रशासन ने जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 8 DJ संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बताया गया कि देशभर से आए DJ ऑपरेटरों ने तेज आवाज में साउंड सिस्टम चलाया, जिससे भीड़ और भगदड़ की स्थिति और बिगड़ गई।
मानव अधिकार आयोग सख्त, प्रशासन से मांगा जवाब
इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बाद मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और सीहोर कलेक्टर व SP को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। आयोग ने पूछा है कि भीड़ प्रबंधन, मेडिकल सहायता और सुरक्षा इंतजामों में क्या चूक हुई, जिससे इतने लोगों की जान चली गई। हालांकि, प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल, मेडिकल टीमें और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जमावड़े की सटीक मॉनिटरिंग नहीं हो सकी, जिससे हालात बेकाबू हो गए।