हाइलाइट्स
- एमपी मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक 2025 पारित।
- अब घर बैठे मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट जैसी सुविधा।
- मंत्री मंत्री राव उदय प्रताप बोले: टैक्स चोरी रोकेगी नई व्यवस्था
Madhya Pradesh Motor Vehicles Taxation Bill 2025 Update: मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसूत्र सत्र में मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया गया है। इस के तहत नए नियमों में बस या मालवाहक वाहनों पर पेनाल्टी, व्यापक टैक्स वसूली और ड्राइविंग लाइसेंस घर पर पहुंचाने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कांग्रेस ने बकाया टैक्स वसूली और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने जवाब में कहा कि पुराने बकाये पर 4 गुना अधिक वसूली की जाएगी।
एमपी मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक पारित
विधानसभा के मानसून सत्र में 8वें दिन बुधवार को कांग्रेस के तीखे सवालों के बीच ‘मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक 2025’ पारित हो गया। इस विधेयक के जरिए राज्य में परिवहन व्यवस्था से जुड़ी कई नई व्यवस्थाएं लागू होंगी, जिनमें सबसे बड़ा बदलाव ड्राइविंग लाइसेंस की होम डिलीवरी सुविधा है। अब प्रदेश के नागरिकों को पासपोर्ट की तर्ज पर घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा मिलेगी। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने यह घोषणा विधानसभा में विधेयक पारित होने के दौरान की और कहा कि यह निर्णय जन सुविधा और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विधेयक में ये प्रमुख प्रावधान किए गए हैं…
परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा कर चोरी को रोकने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की है। उन्होंने बताया कि बसों में क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने पर ₹1000 प्रति सीट का जुर्माना तय किया गया है। मालवाहक वाहनों में निर्धारित सीमा से अधिक माल ढोने पर ₹1000 प्रति टन की दर से पेनाल्टी वसूली जाएगी। सबसे अहम बदवाव की अब ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को फेसलेस बनाकर इसे घर पर डिलीवर करने की योजना लागू की जाएगी।
विधानसभा में विधेयक पारित होने पर मंत्री ने खुशी जताई और कहा कि यह संशोधन न केवल राजस्व बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि अव्यवस्थाओं पर भी लगाम लगाएगा।
कांग्रेस ने कहा- परिवहन जुर्माना बढ़ने से बढ़ेगा भ्रष्टाचार
विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने बकाया टैक्स वसूली और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर संभागों में लगभग ₹2500 करोड़ टैक्स बकाया है और सरकार इसे वसूल नहीं पा रही। दिनेश गुर्जर ने कहा कि चेक पोस्ट खत्म होने के बाद अवैध ओवरलोड और शराब तस्करी बढ़ी है। यदि पेनाल्टी बढ़ेगी, तो लोग इसे देने से बचने के लिए भ्रष्टाचार की राह पकड़ेंगे। वही भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि परिवहन विभाग के ऑफिस एजेंटों के भरोसे चल रहे हैं। लोग टैक्स की बढ़ा हुआ पैसा नहीं देंगे। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि पुराने बकाये पर 4 गुना अधिक वसूली की जाएगी।
अब टैक्स चोरी नहीं चलेगी, नियम तोड़ने पर सख्त जुर्माना
परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने सदन में विधेयक की खास बातें साझा करते हुए कहा कि यह कानून राज्य में परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। परिवहन मंत्री ने माना कि पेनाल्टी बढ़ने से भ्रष्टाचार बढ़ने का डर हो सकता है, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह व्यवस्था सेंट्रल गाइडलाइन के अनुरूप होगी और 10 लाख तक कीमत वाले वाहनों पर MP में सबसे कम टैक्स लागू है।
उन्होंने बताया कि…
- पहले केवल 4% पेनल्टी लगती थी, वह भी दूरी के अनुसार।
- नई व्यवस्था में न केवल 4% जुर्माना जारी रहेगा, बल्कि पुराना बकाया होने पर चार गुना अधिक राशि भी वसूली जाएगी।
- बसों या अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर ₹1000 प्रति अतिरिक्त सीट जुर्माना लगेगा।
- मालवाहक वाहनों में ओवरलोड मिलने पर ₹1000 प्रति टन का दंड लागू होगा।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में टैक्स दरें अन्य राज्यों से कम हैं, खासतौर पर ₹10 लाख से कम कीमत के वाहनों पर। उन्होंने कहा कि यह संशोधन भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है और इसका उद्देश्य टैक्स चोरी को रोकना है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया…
- सभी वाणिज्यिक वाहनों में पैनिक बटन की व्यवस्था अब देशभर में लागू है।
- ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को फेसलेस और घर पहुंच सेवा के तहत पासपोर्ट की तर्ज पर शुरू किया जाएगा।
राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी: परिवहन मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य के परिवहन विभाग को वर्ष 2024 में अक्टूबर माह तक ₹2510 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार की सख्त निगरानी और नीतियों से राजस्व संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।