हाइलाइट्स
- वार्षिक किराए पर सिर्फ ₹500 में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट बनवाया जा सकेगा
- रेंट एग्रीमेंट की रजिस्ट्री सस्ती
- 11 महीने का एग्रीमेंट बनाकर काम चला रहे थे
UP Rent Agreement Rules 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने फ्लैट और मकानों को किराए पर देने के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए रेंट एग्रीमेंट की रजिस्ट्री सस्ती कर दी है। अब एक लाख रुपये तक के वार्षिक किराए पर सिर्फ ₹500 में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट बनवाया जा सकेगा। इस फैसले से राज्य के मकान मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी और किरायेदारी विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।
स्टांप ड्यूटी में भारी कटौती
अब तक औसतन 2% स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती थी, जिसके कारण लोग रजिस्टर्ड एग्रीमेंट नहीं बनवाते थे। अधिकतर मकान मालिक 100 रुपये के स्टांप पेपर पर 11 महीने का एग्रीमेंट बनाकर काम चला रहे थे। इससे कानूनी विवाद की स्थिति में उन्हें पुलिस और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते थे।
अब होगा खर्च इतना
अवधि | ₹1 लाख तक किराया | ₹1-3 लाख किराया | ₹3-6 लाख किराया |
1 वर्ष | ₹500 | ₹1000 | ₹2000 |
5 वर्ष | ₹1500 | ₹3000 | ₹6000 |
10 वर्ष | ₹2000 | ₹4000 | ₹8000 |
फायदे क्या होंगे?
- अब ज्यादा से ज्यादा लोग रेंट एग्रीमेंट को रजिस्टर्ड कराएंगे।
- किरायेदारी विवादों में कमी आएगी।
- रजिस्टर्ड एग्रीमेंट होने पर संपत्ति मालिक को मिलेगा नए रेंट कंट्रोल कानून का लाभ।
- किरायेदार को कोर्ट या थाने से मनमानी राहत नहीं मिलेगी, अगर एग्रीमेंट साफ-साफ दर्ज है।
सरकार की योजना क्या है?
स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह पूरी प्रक्रिया आसान और सस्ती बनाई जा रही है। संबंधित प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में मंजूरी दी जाएगी। अब उत्तर प्रदेश में फ्लैट और मकान किराए पर देने वाले मकान मालिकों को न केवल राहत मिलेगी, बल्कि कानूनी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। यह कदम प्रदेश में किरायेदारी व्यवस्था को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।