लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उम्मीदवारी वाले गोरखपुर सदर समेत 57 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान बृहस्पतिवार सुबह सात बजे शुरू हो गया। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि चुनाव के छठे चरण के तहत मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया, जो शाम छह बजे तक चलेगा। इस चरण में अम्बेडकरनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया तथा बलिया समेत 10 जिलों की कुल 57 सीटों पर मतदान हो रहा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण में दोपहर 1 बजे तक 36.33% मतदान हुआ। #UttarPradeshElection2022 pic.twitter.com/9WByxL9Ptf
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 3, 2022
676 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा
इस चरण में योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर सदर), राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह (बांसी), बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी (इटवा), पूर्व श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (फाजिलनगर) और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (तमकुही राज) की भी प्रतिष्ठा दांव पर है। शुक्ला ने बताया कि इस चरण में एक करोड़ महिलाओं समेत करीब 2.15 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। जो मतदाता मतदेय स्थलों पर शाम छह बजे उपस्थित रहेंगे, वे सभी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इस चरण में 66 महिलाओं समेत कुल 676 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा। राज्य पुलिस के एक बयान के मुताबिक, छठे चरण में मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी वाले क्षेत्र गोरखपुर सदर समेत नौ विधानसभा क्षेत्रों को ‘संवेदनशील’ माना गया है।
पुनर्मतदान कराए जाने के निर्देश दिये हैं
इनमें बांसी, इटवा, डुमरियागंज, बलिया सदर, फेफना, बैरिया, सिकंदरपुर और बांसडीह भी शामिल हैं। मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने 56 सामान्य प्रेक्षक, 10 पुलिस प्रेक्षक तथा 18 व्यय प्रेक्षक तैनात किये हैं। इसके अलावा 1,680 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 228 जोनल मजिस्ट्रेट, 173 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 2,137 सूक्ष्म पर्यवेक्षक भी तैनात किये गये हैं। इसके साथ ही राज्य स्तर पर एक वरिष्ठ सामान्य प्रेक्षक, एक वरिष्ठ पुलिस प्रेक्षक तथा दो वरिष्ठ व्यय प्रेक्षक भी तैनात किये गये हैं। चुनाव के छठे चरण के तहत मतदान के साथ प्रयागराज जिले के हण्डिया विधानसभा क्षेत्र के मतदेय स्थल संख्या 311 पर पुनर्मतदान भी होगा। यहां पांचवें चरण के तहत गत 27 फरवरी को हुए मतदान के बाद जरूरी दस्तावेज गुम हो जाने के कारण आयोग ने पुनर्मतदान कराए जाने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर है
पिछली बार 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के छठे चरण की इन 57 सीट में 46 सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और दो सीट उसके सहयोगी दलों अपना दल (एस) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जीती थीं, हालांकि सुभासपा इस बार समाजवादी पार्टी (सपा) से गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है। छठे चरण में गोरखपुर सदर सीट से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर है। इसके अलावा सिद्धार्थनगर जिले की बांसी सीट पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह भाजपा उम्मीदवार के तौर पर फिर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि इसी जिले की इटवा सीट पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सपा उम्मीदवार माता प्रसाद पांडेय का मुकाबला राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री एवं भाजपा उम्मीदवार सतीश चंद्र द्विवेदी से है।
तमकुहीराज सीट पर अजय कुमार लल्लू चुनाव मैदान में हैं
कुशीनगर जिले की पडरौना विधानसभा सीट से पिछली बार भाजपा से चुनाव जीते और करीब पांच वर्ष तक योगी सरकार में श्रम मंत्री रह चुके स्वामी प्रसाद मौर्य इस बार कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से सपा के उम्मीदवार हैं, जहां उनका मुख्य मुकाबला भाजपा के सुरेंद्र कुशवाहा से है। राज्य के कृषि मंत्री और भाजपा उम्मीदवार सूर्य प्रताप शाही का देवरिया जिले की पथरदेवा सीट पर अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी एवं सपा के उम्मीदवार ब्रह्माशंकर त्रिपाठी से मुकाबला है। इसके अलावा स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री श्रीराम चौहान (खजनी-गोरखपुर), राज्य मंत्री जयप्रकाश निषाद (रुद्रपुर-देवरिया) तथा पत्रकारिता से राजनीति में आये शलभ मणि त्रिपाठी (देवरिया) भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। कुशीनगर की तमकुहीराज सीट पर अजय कुमार लल्लू चुनाव मैदान में हैं।
राम अचल राजभर इस बार सपा के उम्मीदवार हैं
बलिया में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी (बांसडीह) सपा से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अम्बेडकरनगर जिले की कटेहरी विधानसभा सीट पर बसपा विधायक दल के नेता रह चुके लालजी वर्मा इस बार सपा के उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, इसी जिले की अकबरपुर विधानसभा सीट पर बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर इस बार सपा के उम्मीदवार हैं।